इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) को उसके एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से हटाने का अनुरोध किया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने पेरिस स्थित संस्था एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंगसलीआ को भेजे एक पत्र में भारत के अलावा उनसे किसी अन्य सदस्य देश को एशिया पेसिफिक ज्वाइंट ग्रुप का सह अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए कहा है ताकि एफएटीएफ की समीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ हो।
उमर ने पत्र में लिखा है, ‘पाकिस्तान के प्रति भारत का द्वेष भाव जगजाहिर है और हाल में पाकिस्तान के वायु क्षेत्र का उल्लंघन और पाकिस्तानी क्षेत्र में बम गिराया जाना भारत के शत्रुतापूर्ण रवैया का एक और उदाहरण है।’
पेरिस स्थित एफएटीएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठनों के वित्त पोषण पर नजर रखने वाला संगठन है। पिछले साल संगठन ने पाकिस्तान को संदिग्ध देशों की सूची (ग्रे लिस्ट) से बाहर निकलने के लिये 40 सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया। पाकिस्तान को आतंकवादियों को वित्त पोषण पर अंकुश लगाने में नकाम रहने को लेकर इस सूची में रखा गया है।
पाकिस्तान सरकार पर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। खुद पाकिस्तान के वित्त सचिव आरिफ मोहम्मद खान ने अपनी सरकार को आगाह किया है कि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की आर्थिक पाबंदी से बचने के लिये प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ मई तक कार्रवाई करनी होगी।

