नई दिल्ली : मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट में सरकार ने पेट्रोल, डीजल को लेकर जो ऐलान किए हैं, उससे साफ है कि इन ईंधन की कीमत बढ़ेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर से एक-एक रुपये बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे इनकी कीमत में इजाफा होना तय है।
सरकार के इस ऐलान के बाद पेट्रोल व डीजल की कीमत को लेकर स्थिति एक बार फिर वही हो गई है, जो अक्टूबर 2018 से पहले थी। तब कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में 1.50 रुपये तक की कटौती का ऐलान किया था। लेकिन अब मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट में पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और सेस (उपकर) एक-एक रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव किया है, जिससे साफ है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में दो रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
इसे समझने के लिए दिल्ली में आज के पेट्रोल की कीमत की बात करें तो यह 70.51 रुपये प्रति लीटर बिक रही है, जिनमें से खरीदार 36.40 रुपये कई तरह के करों और डीलर कमीशन के तौर पर भुगतान करता है। इनमें 17.98 रुपये एक्साइज ड्यूटी का होता है तो 3.54 रुपये डीलर कमीशन होता है और 14.98 रुपये वैट होता है। वित्त मंत्री के आज के ऐलान के बाद इन करों में दो रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में साफ कहा कि अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए इसकी आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमत नीचे बनी हुई है। इस स्थिति से मुझे पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस की समीक्षा का अवसर मिला।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपये विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं आधारभूत संरचना उपकर लगाने का प्रस्ताव रखती हूं।’

