भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर रविवार को राजकीय शोक रहेगा। प्रदेश सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। भाजपा ने भी अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। रविवार को संगठन चुनाव की तैयारी को लेकर होने वाली कार्यशाला टाल दी गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समेत सरकार के कुछ मंत्री, विधायक और नेता दिवंगत नेता के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
शनिवार को प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर राजकीय शोक घोषित किया है। रविवार को प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा। इस दिन सरकार की ओर से कोई मनोरंजन कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे। उधर, भाजपा ने भी अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि रविवार को प्रदेश कार्यालय में संगठन चुनाव को लेकर होने वाली कार्यशाला भी स्थगित कर दी गई है। अब ये कार्यशाला बाद में होगी। इस कार्यशाला में संगठन चुनाव अधिकारी राधा मोहन सिंह को भाग लेना था।
कानून के मामलों पर उनकी विशेषज्ञता की कमी देश को खलेगी
अरूण जेटली एक लोकप्रिय नेता, कुशल प्रशासक, प्रखर वक्ता और प्रसिद्ध विधिवेत्ता थे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन की प्रत्येक भूमिका में सदैव सर्वश्रेष्ठ आदर्शों का पालन किया। उनके निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। -बेबी रानी मौर्य, राज्यपाल, उत्तराखंड
अरुण जेटली के निधन से भारतीय राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। देश ने एक महान अर्थशास्त्री, समर्पित जन नेता और कुशल राजनीतिज्ञ को खो दिया। जेटली के निधन से मुझे व्यक्तिगत रूप से बड़ी क्षति हुई है। उनका मार्गदर्शन एवं सहयोग मुझे हमेशा मिलता रहा। वो हम सब के हृदय में सदैव जीवित रहेंगे।- डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री
जेटली का निधन देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। वे लोकतांत्रिक मूल्यों को संरक्षित करने को अडिग रहे। उनका राजनीतिक जीवन एक विजयी योद्धा जैसा था। उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैं दिवंगत आत्मा के प्रति शोक संवेदना प्रकट करता हूं।– प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष
अरुण जेटली का जाना न केवल भाजपा बल्कि मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से और समग्र राष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षित है। कई विषयों पर उनका स्नेहिल मार्गदर्शन मिला। वे भारतीय राजनीति की अमूल्य धरोहर थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। – अनिल बलूनी, सांसद और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख भाजपा
जेटली के निधन से देश और भाजपा को अपूरणीय क्षति हुई है। वे दृढ़ निश्चय के व्यक्ति थे और वित्त मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी और बैंकों के विलय जैसे साहसिक और बड़े फैसले लिए गए। उनका उत्तराखंड से गहरा लगाव था। उनकी कमी शायद ही पूरी हो पाएगी। लेकिन उनके आदर्श और विचार हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।– अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
जब भाजपा सरकार प्रदेश में बनीं। तब जेटली केंद्रीय वित्त मंत्री थे। उस समय चारधाम यात्रा के दौरान एटीएम में करंसी की समस्या पैदा हो रही थी। मैंने ये मसला जेटली से उठाया। उन्होंने तत्काल समस्या का समाधान किया। वो वास्तव में संकटमोचक थे। उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है।– सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री, उत्तराखंड सरकार
विश्वास नहीं हो रहा कि अरुण जेटली जी हमारे बीच नहीं रहे। कानून और वित्तीय मामलों में उनका अध्ययन काफी गहरा था। भारतीय राजनीति ने एक ऐसा नेता खो दिया, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। -अजय टम्टा, सांसद, अल्मोड़ा

