तैयार हुई हिमालय के 71 सालों के दुलर्भ चित्रों को समेटे आर्ट गैलरी, योगी करेंगे उद्घाटन

उत्तरकाशी I सात दशकों से गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में तप साधना के साथ ही हिमालय में आ रहे बदलावों को अपने कैमरे में कैद करने वाले फोटो बाबा स्वामी सुंदरानंद की साधना जल्द ही साकार होगी। करीब एक दशक से गंगोत्री धाम में निर्माणाधीन उनकी आर्ट गैलरी का निर्माण अंतिम चरण में है।
आगामी 13 सितंबर को इस ‘तपोवनम हिरण्यगर्भ’ आर्ट गैलरी का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एवं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत भी गंगोत्री पहुंच रहे हैं। 

स्वामी तपोवन महाराज के परम शिष्य स्वामी सुंदरानंद वर्ष 1948 से गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में तप साधना कर रहे हैं। बीते सात दशकों में वे हिमालय का चप्पा-चप्पा छान चुके हैं। विशेष बात यह कि इस अवधि में उन्होंने हिमालय में आए तमाम बदलावों को बेहद खूबसूरती के साथ अपने कैमरे में कैद किया।

वर्ष 2002 में इन दुर्लभ तस्वीरों का संकलन वे अपनी पुस्तक ‘हिमालय-थ्रू द लैंस ऑफ साधु’ में सिंगापुर से प्रकाशित करा चुके हैं, जिसके चलते लोग उन्हें फोटो बाबा के नाम से जानते हैं।

तीन करोड़ रुपये लागत से बनी ईको फ्रेंडली गैलरी
300 डालर कीमत वाली इस पुस्तक को देश-दुनिया में हाथों हाथ लिया गया। स्वामी सुंदरानंद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों इस पुस्तक का विमोचन कराया था। 

इसी दौरान उन्होंने गंगा एवं हिमालय के पर्यावरणीय, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व से देश-दुनिया को रूबरू कराने के लिए अपने गुरू स्थान गंगोत्री धाम में आर्ट गैलरी का निर्माण करने का निर्णय लिया।

गंगोत्री धाम स्थित तपोवन कुटी परिसर के 12 हजार वर्ग फीट में करीब तीन करोड़ रुपये लागत से ईको फ्रेंडली लाइटगेज स्टील फ्रेम से 45 फीट ऊंची पिरामिडनुमा पांच मंजिला आर्ट गैलरी बनाई गई है।

इसमें स्वामी सुंदरानंद द्वारा खींची गई हजारों दुर्लभ तस्वीरों को लेमिनेट कर सजाया गया है, जबकि हजारों फोटो डिजिटल फॉर्मेट में रखी गई हैं। इस गैलरी में बनी लाइब्रेरी में गंगोत्री, गंगा और हिमालय से जुडे़ विभिन्न साधु-संतों, साधकों एवं लेखकों की पुस्तकें रखी जाएंगी। 

आर्ट गैलरी को फाइनल टच देने में जुटे यूथ फाउंडेशन के विशेषज्ञ
गंगोत्री धाम में कर्नल अजय कोठियाल की यूथ फाउंडेशन स्वामी सुंदरानंद की आर्ट गैलरी को फाइनल टच देने में जुटी है। फाउंडेशन के कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि तपोवन कुटिया के पुराने दरवाजे के स्थान पर भव्य गेट लगाया जा रहा है।

इससे हटकर मुख्य द्वार के साथ ही गैलरी के प्रवेश द्वार को पहाड़ की पारंपरिक वास्तुकला के अनुसार तैयार किया जा रहा है। गैलरी परिसर में टाइल्स के स्थान पर केदारनाथ से मंगाए गए पत्थर बिछाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन दुर्लभ तस्वीरों से जुड़े स्वामी सुंदरानंद के अनुभवों को उन्हीं के मुख से वीडियो के रूप में दर्ज किया जा रहा है। इन सभी कार्यों में यूथ फाउंडेशन के जेई आशीष शर्मा एवं इंटीरियर डिजाइनर कमल जोशी जुटे हैं। ध्यान टावर को छोड़ गैलरी के शेष कार्य पूरे हो चुके हैं। 

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