गोपेश्वर I बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में अभी भी यातायात सामान्य नहीं हुआ है। मंगलवार को लामबगड़ में चट्टान से हुए भूस्खलन के कारण करीब तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। यहां चट्टान से रुक-रुककर हो रहे भूस्खलन के कारण तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को पैदल आवाजाही करवाई जा रही है।
बता दें कि इस साल लामबगड़ भूस्खलन जोन बदरीनाथ धाम की सुचारु तीर्थयात्रा में दिक्कतें पैदा करता रहा है। अभी भी यहां थोड़ी बारिश होने पर चट्टान से भूस्खलन हो रहा है। यहां हाईवे सुधारीकरण कार्य में जुटी एनएच की कार्यदायी कंपनी की ओर से अलकनंदा की ओर से दीवार निर्माण कार्य अस्सी फीसदी तक पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन भूस्खलन चट्टान के इर्द-गिर्द पेड़ों के कटान पर एनजीटी की रोक के कारण यहां सुधारीकरण कार्य नहीं हो पा रहा है।
जिससे बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सुबह नौ बजे बारिश से लामबगड़ चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आने से बदरीनाथ धाम जा रहे और धाम से लौट रहे वाहनों की आवाजाही रुक गई।
दोपहर बारह बजे तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया गया। बदरीनाथ धाम से लौट रहे पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी ने बताया कि लामबगड़ में रुक-रुककर भूस्खलन जारी है।
भूस्खलन क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही करवाई जा रही है। तीर्थयात्री अपने वाहनों को पांडुकेश्वर और लामबगड़ में एक छोर पर छोड़कर आधा किलोमीटर पैदल चलने के बाद फिर लोकल वाहनों से बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं।
लामबगड़ में भूस्खलन चट्टान पर अभी तक ट्रीटमेंट कार्य शुरु नहीं हुआ है। एनएच के प्रस्ताव को अभी तक भारत सरकार से स्वीकृति नहीं मिल पाई है। लामबगड़ में हाईवे को सुचारु कर दिया गया है। बदरीनाथ धाम में इन दिनों तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया है। लामबगड़ को सुचारु रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
-स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली
लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में हाईवे के अवरुद्ध होने पर तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही करवाई जा रही है। तीर्थयात्रियों को पैदल आवाजाही करवाने के लिए पुलिस के जवानों के साथ ही एसडीआरएफ की एक यूनिट भी लामबगड़ में तैनात की गई है।
-यशवंत सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक, चमोली

