राजस्थान : कांग्रेस को बताया ‘धोखेबाज’ तो गहलोत बोले-मायावती से ऐसे ही बयान की उम्मीद थी

नई दिल्ली : राजस्थान में अपने सभी छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल हो जाने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने देश की सबसे पुरानी पार्टी पर निशाना साधा है। मायावती ने कांग्रेस को ‘गैर-भरोसेमंद एवं धोखेबाज’ पार्टी करार देते हुए उसे एससी/एसटी और ओबीसी विरोधी पार्टी बताया है। मंगलवार को ट्विटर पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बसपा के विधायकों को तोड़कर कांग्रेस ने यह साबित कर दिया है कि वह एक ‘गैर-भरोसेमंद एवं धोखेबाज’ पार्टी है। बसपा के साथ यह धोखा उस समय हुआ है जब वह राजस्थान में कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दे रही थी।’

अपने एक अन्य ट्वीट में मायावती ने कहा, ‘अपने कटु राजनीतिक विरोधियों से लड़ने के बजाय कांग्रेस ने हमेशा उन पार्टियों को नुकसान पहुंचाया है जिन्होंने उसका समर्थन और मदद की है। इसलिए, कांग्रेस दलित, एसटी और ओबीसी विरोधी पार्टी है। वह पिछड़े वर्गों के अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं रही है।’ उन्होंने कहा कि 
कांग्रेस बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर व उनकी मानवतावादी विचारधारा की विरोधी रही है।

मायावती ने कहा, ‘इसी कारण अम्बेडकर को देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस ने उन्हें न तो कभी लोकसभा में चुनकर जाने दिया और न ही भारतरत्न से सम्मानित किया। यह काफी दुःखद और शर्मनाक है।’ इस बीच, बसपा के विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया दी है।

गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मायावती से इस तरह के बयान की उम्मीद की जा रही थी। बसपा विधायकों ने राज्य की स्थिति एवं लोगों की भावनाओं के बारे में विचार किया है और इसी के चलते वे कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इन विधायकों पर कोई दबाव नहीं डाला था।’

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