भोपाल : मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनीट्रैप मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, केस में नए-नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस हनीट्रैप के तार नौकरशाहों एवं नामी-गिरामी मंत्रियों तक पहुंचे हैं। इस केस में अब जो जानकारी सामने आई है वह और भी होश उड़ाने वाली है। जांच में पता चला है कि हनीट्रैप का गिरोह चलाने वाली सरगना ने सीनियर आईएएस अफसरों की एक ‘टॉरगेट लिस्ट’ बनाई थी। इस गिरोह के निशाने पर ये आईएएस अफसर थे जिन्हें अपनी जाल में फंसाकर उनसे फिरौती वसूलने के लिए साजिश रची गई थी।
मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हनीट्रैप मामले की जांच में जुटी एसआईटी को 13 आईएएस अफसरों की एक सूची मिली है। ये अधिकारी अलग-अलग समय पर राज्य के महत्वपूर्ण विभागों-फिशरीज, कृषि, संस्कृति, उद्योग, शहरी प्रशासन, श्रम, वन्य, जल संसाधन, जन संपर्क और सामान्य प्रशासन विभागों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार अपने सेक्स स्कैंडल में अधिकारियों एवं मंत्रियों को फंसाने वाली गिरोह की सरगना ने इन अफसरों को निशाना बनाने के लिए सरकारी डायरी से एक ‘सूची’ बनाई थी। यही नहीं महिला सरगना ने इन अधिकारियों के नाम के आगे गोपनीय कोड बना रखे थे। कुछ अधिकारियों के नाम को गोल सर्कल से घेरा गया था जबकि कुछ के नाम के आगे ‘महत्वपूर्ण’ और ‘ओके’ लिखा गया तो किसी नाम के आगे सही का निशान बनाया गया है।
अधिकारी अब इन चिन्हों और लिखे गए शब्दों के सही मायने पता लगाने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर अधिकारी इस हनीट्रैप का शिकार कैसे बन गए यह अभी जांच का विषय है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने गिरोह में शामिल लड़कियों के मोबाइल फोन्स से कुछ वीडियो क्लिप बरामद किए हैं। सेक्स क्लिप्स के ब्यौरे इतने आपत्तिजनक हैं कि उनका विवरण तैयार करने में अधिकारियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

