मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने पॉलीथिन को पर्यावरण के लिए हानिकारक मानते हुए गत माह से उत्तराखंड को पॉलीथिन मुक्त करने के लिए राज्य में कई कार्यक्रम कर पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। और जनता से इस अभियान में सहयोग की अपील की थी।
साथ ही सूबे की प्रत्येक नगरपालिका और नगर निगमो को पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा जुर्माने का प्रावधान भी रखा था
मगर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की इस मुहिम को उनके द्वारा ही जारी दाल पोषित योजना में प्लास्टिक में दाल पैक कई टन दाल घर घर पहुँचा मुख्यमंत्री के पॉलीथिन मुक्त उत्तराखंड के सपने को मुंगेरीलाल के सपने बना दिया हैं।
प्रत्येक सस्ते गल्ले की दुकानों में।खुले रूप से प्लास्टिक में पैक यह दाल धड़ल्ले से बिक रही है।
जहां दूसरी और कोई दुकानदार या ठेलि रेहड़ी वाला पॉलीथिन का उपयोग करता हुआ पाया जाता है तो उस पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाता है वही मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत प्लास्टिक में पैक दाल बेच कर घर घर पॉलीथिन पहुँचाई जा रही है।अब सोचने वाली बात ये है कि क्या इस तरह ही पूरा होगा मुख्यमंत्री का पॉलीथिन मुक्त उत्तराखंड का सपना पूरा।

