बैठक में यौन शोषण के आरोपों से घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को क्लीन चिट दी गई। संतों ने माना कि स्वामी चिन्मयानंद को झूठा फंसाया गया है। कुछ लोग उन्हें ब्लैकमेल करने के इरादे से षड्यंत्र करके उन्हें फंसाने में जुटे हुए हैं।
इस दौरान ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही गई। प्रदेश सरकार से कुंभ के कार्य जल्दी शुरू करने की मांग करते हुए संतों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार कुंभ का भव्य आयोजन करने में सफल होगी और सारे काम समय से पूरे कर लिए जाएंगे। बैठक में सभी 13 अखाड़ों के संत मौजूद रहे।
बता दें कि अभी तक कुंभ के काम शुरू नहीं होने को लेकर संत समाज सरकार से नाराज है। चहले चर्चा थी कि परिषद चिन्मयानंद के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकती है। लेकिन बाद में संकेतों से यह संकेत मिल रहे थे कि शायद ही बैठक में यह मुद्दा उठे।
महाकुंभ की तैयारियों पर होगी चर्चा
कुंभ में होने वाले सभी काम स्थायी हो ताकि आने वाले कुंभ मेले में भी उनका पूरा लाभ उठाया जा सके। देखने में आया है कि करोड़ों रुपये के काम अस्थाई कराए जाते हैं, जिन्हें बाद में तोड़ना पड़ता है। हरिद्वार कुंभ में ऐसा न हो इसके लिए प्रदेश के सीएम से आग्रह किया गया था।
यह हर्ष का विषय है कि सीएम ने इसे स्वीकार कर लिया। अब स्वयं कार्यों को अंजाम दिलाने के लिए सीएम 12 अक्तूबर को संतों के बीच उपस्थित रहेंगे। छड़ी यात्रा को अब नियमित रूप से प्रतिवर्ष निकाला जाएगा। सीएम की उपस्थिति में यह यात्रा रवाना होगी।

