पंचायत चुनावः बुधवार को 13 लाख मतदाता करेंगे 11 हजार से अधिक प्रत्याशियों के लिए वोट

देहरादून I पंचायतों में 16 अक्तूबर को होने वाले तीसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार का शोर सोमवार को थम गया। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान पार्टियों को भी रवाना करने का आदेश जारी कर दिया है। इसी के साथ निर्वाचन अधिकारियों को भी मतदान की व्यवस्था के लिए अलग से आदेश जारी किए हैं। तीसरे चरण के चुनाव में 21391 पदों के लिए 11167 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। 

पंचायत चुनाव आचार संहिता के तहत सोमवार पांच बजे से चुनाव प्रचार बंद कर दिया गया। इसी के साथ घर-घर जाकर मिलने का दौर भी शुरू हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 16 अक्तूबर को मतदान सुबह आठ बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगा। तीसरे चरण में कुल 21391 पदों के लिए चुनाव होगा। इसमें ग्राम पंचायत सदस्यों के 17292 पद हैं। इन पदों के सापेक्ष कुल 2176 प्रत्याशी ही मैदान में हैं। जाहिर है कि इस बार भी ग्राम पंचायत सदस्यों के पद बड़ी संख्या में खाली रहेंगे।

ग्राम प्रधानों के 2416, क्षेत्र पंचायतों के 931 और जिला पंचायत सदस्यों के 115 पदों पर चुनाव होंगे।  इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान के दिन के लिए जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग की ओर से जारी निर्देश में निर्वाचन अधिकारियों को कहा है कि वे मतदाताआें को भी पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। 
 

करीब 13 लाख मतदाता हैं इस चरण में 

इस बार 13 लाख मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना है। पंचायत चुनाव इस बार 28 विकास खंडों में हो रहा है। इस बार भी आयोग पर मत प्रतिशत को बनाए रखने का दबाव है। राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट के मुताबिक मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई है। 719 मतदान पार्टियों को रवान किया जा चुका है और 2469 पार्टियों को मंगलवार को रवाना किया जाएगा।

ईंट तो है नहीं, मोहर कहां लगाऊं

देहरादून। चुनाव ड्यूटी निभाने वाले अधिकारियों के मुताबिक पंचायत चुनाव में मतदान से पहले मतदाताओं को और अधिक जागरूक करने की जरूरत है। मतदाता अब ईवीएम के आदी हो चुके हैं और ऐसे में कई बार के निर्देश के बाद भी मतदाता संशय में है।

नाम न छापने की शर्त पर चुनाव ड्यूटी कर चुके एक अधिकारी ने बताया कि मतदान के दौरान एक मतदाता ने जानना चाहा कि ग्राम प्रधान के लिए किस निशान के आगे मोहर लगाई जाए। मतदाताओं को चार अलग-अलग बैलेट पेपर दिए हैं और मतदाताओं को यह तक बताया गया है कि ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक अलग-अलग बैलट पेपर दिए गए हैं। इस पर भी ग्राम प्रधान के लिए ईंट का निशान खोज रहे मतदाता ने पूछा -ईंट तो है ही नहीं, मोहर कहां लगाऊं।

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