मसूरी, ओम पेट्रोल पम्म के स्वामी सुनील गोयल ने कुलरी स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता कर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता पर चुनाव में तथ्य छुपाने का लगया आरोप।
सुनील गोयल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व चुनाव के दौरान पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने जो शपथ पत्र दिया है उसमें उन्होंने कई तथ्य छुपाए है। चुनाव के समय जब उन्होंने शपथ पत्र दिया उस समय उन पर न्यायालय में अपराधिक मामलों के दो वाद चल रहे थे।जिसकी उन्होंने गलत शपथ पत्र देकर चुनाव आयोग से इसकी जानकारी को छुपाया है।
इसके साथ ही उन्होंने झड़ीपानी में रेलवे की जमीन को भी गलत तरीके से कब्जाया हुआ है।इसके बावत उन्होंने चुनाव आयोग पत्र लिखकर जाँच की मांग की है। साथ ही उन्होंने जिला अधिकारी मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार को भी पत्र लिखकर जाँच करने की माँग की है।
वही पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने इस विषय मे बोलते हुए कहा कि।अगर ये बात सही पाई जाती है तो चुनाव आयोग को इस विषय मे उचित कार्यवाही करनी चाहिए।
दूसरी ओर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने पत्रकारों के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सुनील गोयल पर पालिका की भूमि कब्जाने ओर कई आपराधिक मामलों में पालिका के द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमे उनकी ज़मानत याचिका जिला जज द्वारा रद्द कर दी गई है ।जिससे बौखला कर वो खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे वाला काम कर रहे है।उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है।जहाँ तक तथ्य छुपा कर झूठा शपथ पत्र देने का मामला है। वो बिल्कुल गलत है। दो वर्ष से उन्हें इस बात की याद नही आई जब आज पालिका के द्वारा उन पर आपराधिक मामलों में मुकदमा दर्ज करवाया गया तो वो बदले की भावना से ये ऊलजलूल आरोप लगा रहे है।जहाँ तक उनके द्वारा ये आरोप लगया गया ही मेने कोई जमीन कब्जाई है तो ये मेरे पर जो भी जमीन है।वो मेरी पैतृक संपत्ति है। जिस जमीन की वो बात कर रहे है उसका डिमार्केशन हो चुका है।उसमें भी मुझे प्रमाण पत्र मिल चुका है।मेरे पर जो भी जमीन है वो मेरी पैतृक संपत्ति है।
जहाँ तक सुनील गोयल की बात है उनकी जालसाज़ी का एक मामला औऱ पालिका में आया है जिसमे सुनील गोयल ने पालिका औऱ वन विभाग की सम्पति पर कब्जा कर गैस गोदाम बनाया है। जिसकी जाँच चल रही है जाँच पूरी होने पर पालिका इनके ऊपर औऱ एक मुकदमा दर्ज करेगी।
