देहरादून I मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय बजट को वाइब्रेंट भारत का वाइब्रेंट बजट करार दिया है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ को साकार करने वाला बजट है।
बजट को मुख्यमंत्री ने जन आकांक्षाओं को समर्पित गांवों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों की परवाह करने वाला बताया। आयकर की दरों में कमी लाकर निम्न मध्य वर्ग और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए कारपोरेट, लघु एवं मध्यम उद्योगों, बैंकिंग क्षेत्र, व्यापारियों और स्टार्ट अप के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 16 सूत्री एक्शन से वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल होगा। खेतों में सोलर पावर को बढ़ावा देने से अन्नदाता, ऊर्जादाता बन सकेंगे। किसान रेल और कृषि उड़ान योजना से किसानों के उत्पाद को मार्केट तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बागवानी के लिए एक प्रोडक्ट एक डिस्ट्रिक्ट की बात कही गई है।
जैविक खेती के लिए आनलाइन मार्केट
जैविक खेती के लिए आनलाइन मार्केट उपलब्ध करवाया जाएगा। दूध के प्रोडक्शन को दोगुना करने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जाएगी। मनरेगा के अंदर चारागार को जोड़ा जाएगा। ब्लू इकोनॉमी के जरिये मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे उत्तराखंड के किसानों को भी बहुत फायदा होगा। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी फोकस किया गया है। आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। इंद्रधनुष मिशन काविस्तार किया जाएगा। देश को 2025 तक टीबी मुक्त किया जाएगा। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत हर जिले में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जिला अस्पतालों में मेडिकल कालेज का निर्णय बहुत महत्वपूर्ण है।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के लिए एक लाख करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान किया गया है। हर जिले में एक्सपोर्ट हब स्थापित किया जाएगा। डाटा सेंटर पार्क की स्थापना होगी, एक लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से गांवों को जोड़ा जाएगा। केयरिंग सोसायटी की अवधारणा के तहत समाज कल्याण, महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी फोकस किया गया है। आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। इंद्रधनुष मिशन काविस्तार किया जाएगा। देश को 2025 तक टीबी मुक्त किया जाएगा। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत हर जिले में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जिला अस्पतालों में मेडिकल कालेज का निर्णय बहुत महत्वपूर्ण है।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के लिए एक लाख करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान किया गया है। हर जिले में एक्सपोर्ट हब स्थापित किया जाएगा। डाटा सेंटर पार्क की स्थापना होगी, एक लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से गांवों को जोड़ा जाएगा। केयरिंग सोसायटी की अवधारणा के तहत समाज कल्याण, महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

