देहरादून I केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट प्रदेश के कर्मचारी तबके के लिए कुछ खट्टा तो कुछ मीठा रहा है। केंद्र सरकार के बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया है। इससे उत्तराखंड के भी करीब आठ लाख करदाताओं को राहत मिली है। इसमें मिडिल क्लास को बड़ा फायदा होगा।
प्रदेश के करीब 80 हजार सरकारी कर्मचारी आयकर में दी गई छूट से सीधे लाभान्वित होंगे। राज्य के करीब ढ़ाई लाख कर्मचारियों में से 50 प्रतिशत को टैक्स स्लैब में राहत दी गई है। लेकिन बचत के जरिये आयकर में छूट पाने का विकल्प नई आयकर प्रणाली से हटा दिया गया है।
इससे कर्मचारियों में हताशा है और वे चाहते हैं कि केंद्र सरकार आयकर में छूट के लिए सेविंग के विकल्प को बरकरार रखे। कर्मचारी आयकर की पुरानी और नई व्यवस्था को लागू किए जाने से भी उलझन में हैं। बजट में की गई घोषणा के अनुसार, जिन लोगों की आमदनी पांच लाख रुपये तक है, उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा।
तकरीबन सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी टैक्स से बाहर
इससे प्रदेश में तकरीबन सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी टैक्स से बाहर हो जाएंगे। साथ ही समूह ग के उन कर्मचारियों को भी इसका फायदा होगा, जिनकी मासिक आय 40 से 45 हजार रुपये के बीच है। निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को भी टैक्स में छूट का फायदा होगा।
पुरानी आयकर प्रणाली में पांच लाख से अधिक पर 20 प्रतिशत टैक्स वसूली होती थी, लेकिन नई व्यवस्था में 7.50 लाख से 10 लाख तक 15 प्रतिशत किया गया है। यानी 10 लाख रुपये तक की आय वालों को टैक्स में पांच प्रतिशत राहत मिली है। प्रदेश के 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी इस छूट के दायरे में आ रहे हैं।
सेविंग से छूट की सुविधा हटाने से हताशा
लेकिन आयकर में बचत से मिलने वाली छूट की सुविधा हटा दी गई है। इससे कर्मचारियों में हताशा है और वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वे यह उम्मीद कर रहे थे कि केंद्र सरकार उन्हें 10 लाख रुपये तक पूरी तरह से आयकर सीमा से बाहर कर देगी और उसके बाद के स्लैब में बचत के जरिये कर से छूट की सुविधा दी जाएगी।
पुरानी आयकर प्रणाली में पांच लाख से अधिक पर 20 प्रतिशत टैक्स वसूली होती थी, लेकिन नई व्यवस्था में 7.50 लाख से 10 लाख तक 15 प्रतिशत किया गया है। यानी 10 लाख रुपये तक की आय वालों को टैक्स में पांच प्रतिशत राहत मिली है। प्रदेश के 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी इस छूट के दायरे में आ रहे हैं।
सेविंग से छूट की सुविधा हटाने से हताशा
लेकिन आयकर में बचत से मिलने वाली छूट की सुविधा हटा दी गई है। इससे कर्मचारियों में हताशा है और वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वे यह उम्मीद कर रहे थे कि केंद्र सरकार उन्हें 10 लाख रुपये तक पूरी तरह से आयकर सीमा से बाहर कर देगी और उसके बाद के स्लैब में बचत के जरिये कर से छूट की सुविधा दी जाएगी।
ये है नया टैक्स स्लैब
– 5 लाख तक की आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना है।
– 5 लाख से 7.5 लाख तक की आय पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। पहले यह 20 फीसदी था।
– 7.5 लाख से 10 लाख तक की आय पर 15 प्रतिशत इनकम टैक्स।
– 10 लाख से 12.5 लाख की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा। यह पहले 30 प्रतिशत था।
– 12.5 लाख से 15 लाख की आय पर 25 % टैक्स लगेगा।
– 15 लाख से ऊपर आय वालों को पहले की तरह 30% टैक्स लगेगा
– 5 लाख से 7.5 लाख तक की आय पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। पहले यह 20 फीसदी था।
– 7.5 लाख से 10 लाख तक की आय पर 15 प्रतिशत इनकम टैक्स।
– 10 लाख से 12.5 लाख की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा। यह पहले 30 प्रतिशत था।
– 12.5 लाख से 15 लाख की आय पर 25 % टैक्स लगेगा।
– 15 लाख से ऊपर आय वालों को पहले की तरह 30% टैक्स लगेगा

