साध्वी पद्मावती के बाद अनशन पर बैठे आत्मबोधानंद को जबरन उठाकर दिल्ली एम्स भिजवाया

 हरिद्वार I गंगा रक्षा समेत कई मांगों को लेकर मातृ सदन में आमरण अनशन कर रहे बह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने दिल्ली एम्स में भर्ती कर दिया है। करीब चार घंटे तक चली वार्ता के बाद अधिकारी उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए तैयार कर पाए। इसके बाद मेडिकल टीम, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी उन्हें दिल्ली ले गए। अनशनकारी साध्वी पद्मावती पहले से ही दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। 

मातृ सदन की अनुयायी साध्वी पद्मावती ने गंगा रक्षा के लिए 15 दिसंबर को आमरण अनशन शुरू किया था। 30 जनवरी को प्रशासन ने साध्वी पद्मावती को जबरन उठाकर देहरादून के दून अस्पताल में भर्ती करा दिया था। उसी दिन ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने आमरण अनशन शुरू कर किया।

चार दिन पहले पुलिस प्रशासन ने मातृ सदन से सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मियों को हटा दिया था। सुरक्षा हटाने के विरोध में ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने जल भी त्याग दिया था। जल त्यागने के बाद से लगातार उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी।

शनिवार सुबह साढ़े दस बजे एसडीएम कुश्म चौहान, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह और मेडिकल टीम मातृ सदन पहुंची। मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य का परीक्षण किया। चिकित्सकों ने उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। 

प्रशासनिक अधिकारियों ने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से आग्रह किया कि वे आमरण अनशन समाप्त कर दें। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवांनद सरस्वती को भी उन्हें मनाने के लिए आग्रह किया गया। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पुलिस की ओर से मातृसदन की सुरक्षा हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। अधिकारी उन्हें मनाने का प्रयास करते रहे। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि वे अपने किसी भी ब्रह्मचारी और साध्वी का इलाज उत्तराखंड के किसी भी अस्पताल में नहीं कराएंगे।

आखिर करीब चार घंटे बाद ढाई बजे आत्मबोधानंद को एम्स दिल्ली ले जाने पर सहमति बनी। प्रशासन की टीम आत्मबोधानंद को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। एसडीएम कुश्म चौहान ने बताया कि चिकित्सकों ने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के स्वास्थ्य में गिरावट की रिपोर्ट दी थी। यह आशंका भी जताई थी कि उनकी किडनी में दिक्कत आ सकती है। इस आधार पर उनका जीवन बचाने के लिए एम्स दिल्ली भर्ती कराया गया। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *