देहरादून I उत्तराखंड में आज यानी शुक्रवार से लॉकडाउन के दौरान खुलने वाली जरूरी सामान की दुकानों के समय में राहत दी है। आज से दुकानें सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी। दुकानों में लग रही लोगों की भीड़ के कारण प्रशासन ने ये फैसला लिया है।
लाइव अपडेट:
–कोरोना संक्रमण के इस संकट की घड़ी में ओयो ने भी पहल की है। ओयो ने अपने होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया है। ओयो के कंप्लायंस मैनेजर जगजीत नामधारी ने आज पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मुलाकात कर यह प्रस्ताव दिया।
– कोरोना के खौफ के बीच राहत की खबर है। दून अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित ट्रेनी आईएफएस की दूसरी जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। अब अस्पताल प्रशासन अब आईएफएस को डिस्चार्ज करने जा रहा है।
– राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल को अब पूरी तरह से कोरोना संक्रमित और कोरोना के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित कर लिया गया है।
– अब देहरादून में निरंजनपुर मंडी देर रात दो बजे से सुबह पांच बजे तक खुली रहेगी। सुबह सात बजे मंडी के गेट बंद कर दिए जांएगे। यह आदेश आज रात से लागू किया जाएगा।
– उत्तराखंड सरकार महिलाओं और रोजमर्रा के कामों से जीविकोपार्जन करने वाले व्यक्तियों की सूची के अनुसार फूड पैकेट तैयार करवा रही है। बताया गया कि एक हजार फूड पैकेट रोज बांटे जाएंगे।
– दोपहर एक बजे बाद दुकानें बंद कर दी गईं। जिसके बाद राजधानी देहरादून की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। बारिश होने के चलते बाजार दोपहर बारह बजे से ही बंद होने लगे थे।
– मसूरी में नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को बहुत हल्के में लिया जा रहा है। मसूरी धनोल्टी रोड लक्ष्मण पुरी के पास नगर पालिका द्वारा संचालित कूड़े के डंपिंग स्टेशन का हाल बेहाल है। यहां पर कई टनों में कूड़ा पड़ा हुआ है जो सड़ रहा है। रोज मसूरी से एकत्रित किया हुआ कूड़ा वहा डाला जा रहा है। जिससे डपिंग स्टेशन और आसपास के क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ गंदगी और बदबू के कारण वहा से गुजरना भी मुश्किल है। कूड़ा डपिंग स्टेशन के सामने 20 मीटर की दूरी में आईडीएच बिल्डिंग है। जहां पर करीब 50 गरीब मजदूर परिवार निवास कर रहे हैं। बिल्डिंग के सामने पसरी गंदगी और बदबू से लोगो का हाल बेहाल है।
– हरिद्वार के मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट की ओर से पांच लाख रुपए का चेक आज उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को सौंपा गया।
– रुद्रपुर से कल रात 2 बजे पैदल चलकर अल्मोड़ा के हवालबाग निवासी मनोज कुमार, विनोद कुमार, मुकेश, अर्जुन और ममता भीमताल पहुंचे। हल्द्वानी से बहराइच के लिए 18 मजदूर पैदल ही निकले।
– हल्द्वानी तहसील पहुंचकर मजूदर तबके की महिलाओं ने गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दी जा रही खाद्य सामग्री अभी तक नहीं मिल पाई है ऐसे में तो हम भूखे ही मर जाएंगे। कोरोना से पहले भुखमरी मार डालेगी। हल्द्वानी एसडीएम कोर्ट में परमिशन लेने पहुंचे लोगों की भीड़ लगी है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा दिए गए नंबरों पर कोई कॉल नहीं उठा रहा है।
– रुद्रपुर से कल रात 2 बजे पैदल चलकर अल्मोड़ा के हवालबाग निवासी मनोज कुमार, विनोद कुमार, मुकेश, अर्जुन और ममता भीमताल पहुंचे। हल्द्वानी से बहराइच के लिए 18 मजदूर पैदल ही निकले।
– हल्द्वानी तहसील पहुंचकर मजूदर तबके की महिलाओं ने गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दी जा रही खाद्य सामग्री अभी तक नहीं मिल पाई है ऐसे में तो हम भूखे ही मर जाएंगे। कोरोना से पहले भुखमरी मार डालेगी। हल्द्वानी एसडीएम कोर्ट में परमिशन लेने पहुंचे लोगों की भीड़ लगी है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा दिए गए नंबरों पर कोई कॉल नहीं उठा रहा है।

