हरिद्वार I हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2021 की तैयारियों को लेकर आज शाम 13 अखाड़ा परिषदों की बैठक होगी। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहेंगे।
इस दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी जी महाराज, महामंत्री हरि गिरी महाराज सहित 13 अखाड़ा परिषदों के प्रमुख और सदस्य मौजूद रहेंगे। यह बैठक हरिद्वार स्थित माया देवी मंदिर परिसर में आयोजित होगी। बताया गया कि शुक्रवार शाम भी नरेंद्र गिरी महाराज ने अन्य संतों से महाकुंभ की तैयारियों को लेकर बात की। आज बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
हरिद्वार कुंभ को सफलता पूर्वक आयोजित करने का दबाव
उत्तर प्रदेश सरकार के इलाहाबाद में अर्द्धकुंभ के भव्य आयोजन के बाद उत्तराखंड सरकार पर हरिद्वार कुंभ को सफलता पूर्वक आयोजित करने का दबाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कह चुके हैं कि हरिद्वार महाकुंभ भी प्रयाग अर्द्धकुंभ से बढ़कर होगा।
इसके बाद त्रिवेंद्र सरकार ने सरकारी मशीनरी को भी महाकुंभ से संबंधित अवस्थापना विकास के लिए कमर कसने को कहा है। धर्मनगरी को यातायात के दबाव से बचाने और घाटों को सुविधा संपन्न बनाने की योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है। महाकुंभ से पहले हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाना है।
महाकुंभ की तैयारियों की मानिटरिंग कर रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री स्वयं महाकुंभ की तैयारियों की मानिटरिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से महाकुंभ के लिए आर्थिक मदद मांगी है। केंद्र से मिले आश्वासन के बाद अब मुख्यमंत्री हरिद्वार के साधु संतों के बीच पहुंच रहे हैं।
सरकार के सामने बड़ी दिक्कत यह है कि प्रयाग में आयोजन के लिए विशाल क्षेत्र उपलब्ध है, जबकि हरिद्वार में सीमित स्थान के भीतर सभी सुविधाओं को उपलब्ध करवाना है। इसके लिए अखाड़ों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। मुख्यमंत्री इसी उद्देश्य से साधु संतों के बीच जाकर उनको तैयारियों से अवगत करवाने के साथ उनसे सुझाव लेंगे।

