देहरादून I मीटू प्रकरण की पीड़िता सुरक्षा पाने के लिए भटक रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय में चार माह पहले दिया गया प्रार्थनापत्र अब तक भी गृह विभाग नहीं पहुंच पाया है। पीड़िता को आशंका है कि भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री से जुड़े लोग उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे है, ऐसे में उसके साथ कभी भी अनहोनी हो सकती है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
पीड़िता ने आठ मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने के बाद एसएसपी देहरादून की तरफ से उन्हें जनवरी से फरवरी तक सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। सुरक्षा हटने के बाद से आरोपी से जुडे़ लोग लगातार उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में उनकी जान को खतरा है। पीड़िता का कहना है कि तब से वे कई बार मुख्यमंत्री और गृह सचिव के कार्यालय में जा चुकी है। लेकिन, सुरक्षा मिलना तो दूर प्रार्थनापत्र का पता तक नहीं लग पा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारी पत्र को गृह विभाग भेजने की बात कहता है तो गृह विभाग इस तरह का कोई प्रार्थनापत्र मिलने से इनकार कर रहा है।
यह था मामला
भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने दो नवंबर को प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शहर कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद पांच जनवरी को मुकदमा दर्ज किया था। पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी थी। विवेचना के दौरान घटना के दिन आरोपी की मौजूदगी साबित न होने पर पुलिस ने दुष्कर्म की धारा हटा दी थी। पुलिस 15 मई को संजय कुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न की धारा में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।

