भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान उम्पुन ने मचाई तबाही, सात-सात लोगों की जान गई

नई दिल्ली: उम्पुन तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही हुई है. पश्चिम बंगाल में इसकी वजह से चार लोगों की मौत हो गई. तूफान की वजह से 5 हजार से ज्यादा घर टूटे. कल दोपहर 3 बजे चक्रवाती तूफान उम्पुन की लैंडिंग दीघा घाट के पास हुई. तूफान की रफ्तार 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटा थी.

इस चक्रवाती तूफान की वजह से ओडिशा में भी 3 लोगों की मौत हो गई है. भद्रक, केन्द्रपारा और संभलपुर में एक एक शख्स की मौत हो गई है. बांग्लादेश में भी तूफान ने तबाही मचाई है. बांग्लादेश में सात लोगों की तूफान की वजह से मौत हो गई है.

पश्चिम बंगाल के दीघा के पास जैसे ही तूफान उम्पुन की लैंडिंग हुई, उसके कुछ देर बाद इसका असर 168 किलोमीटर दूर हावड़ा में दिखा. तूफान की वजह से हवा की रफ्तार 170 किलोमीटर तक पहुंचे गई. हावड़ा ब्रिज के अलावा शहर के दूसरे हिस्सों में भी तूफान की वजह से हिल गए. तूफान के बाद सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को लगाया गया. राहत और बचाव के काम में लगी टीमों ने ना सिर्फ सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाया बल्कि सड़क गर गिरे बिजली के खंभों से लटकी तारों को भी काटा.

फिलहाल उम्पुन की रफ्तार कम हो गई है. सुबह 6 बजे उम्पुन तूफान की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा थी. हालांकि अभी भी ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. इसके अलावा सिक्किम, असम और मेघायल में भी बारिश जारी रहेगी.

करीब साढ़े छह लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा कि ओडिशा में 20 टीमों को तैनात कर दिया गया है जबकि पश्चिम बंगाल में 19 यूनिट को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा कि ओडिशा में एनडीआरएफ की टीमों ने सड़कों को साफ करने का अभियान शुरू कर दिया है. वहीं पश्चिम बंगाल में तैनात टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब पांच लाख लोगों को और ओडिशा में करीब 1.58 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

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