आनंदीबेन पटेल बनी उत्तर प्रदेश की नई राज्यपाल, कई और राज्यों के गवर्नर भी बदले गए

नई दिल्ली।  देश में विभिन्न राज्यों के राज्यपालों का तबादला किया गया है जबकि कई राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति भी की गई है। गुजरात की पहली मुख्यमंत्री होने का गौरव पाने वाली आनंदीबेन पटेल को उत्तर प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। आनंदीबेन पटेल अभी मध्य प्रदेश की राज्यपाल हैं। फिलहाल यूपी के राज्यपाल की जिम्मेदारी राम नाइक संभाल रहे थे। वहीं मध्य प्रदेश के नए राज्यपाल की जिम्मेदारी अब लालजी टंडन को दी गई हैं। लालजी टंडन फिलहाल बिहार के राज्यपाल हैं।
जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है, जो केशरीनाथ त्रिपाठी की जगह लेंगे रमेश बैस को त्रिपुरा का नया राज्यपाल बनाया गया है। फागू चौहान को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है  वहीं आरएन रवि को नागालैंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है। सभी राज्यपालों का कार्यकाल पदभार संभालने की तिथि से प्रभावी हो जाएगा।
दूसरी बार हुई राज्यपालों की नियुक्ति
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता बिस्व भूषण हरिचंद्रन और मध्य प्रदेश के पूर्व बीजेपी सांसद सांसद अनुसुइया उइके को क्रमश: आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया था। जबकि हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल के रूप में कलराज मिश्र की नियुक्ति की थी। हिमाचल के राज्यपाल फिलहाल आचार्य देवव्रत हैं जिनका तबादला गुजरात कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता हैं जगदीप धनखड़
राज्यपालों की नियुक्ति में सबसे चौंकाने वाला नाम जगदीप धनखड़ का है जो सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं और 90 के दशख में राजस्थान के झूंझूनू से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। आनंदीबेन पटेल भाजपा की कद्दावर नेता रह चुकी हैं और गुजरात की पहली मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं। वहीं लालजी टंडन भाजपा के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं और लखनऊ सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद भी रहे हैं।

बता दें कि लालजी टंडन को पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता अटल बिहारी वाजपेयी का करीबी माना जाता था। वही 17 वीं लोकसभा के गठन के बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कई की केंद्र सरकार कई नए राज्यपालों की नियुक्ती करेगी। 
राज्यपालों का कार्यकाल हो रहा था समाप्त
इससे पहले कई भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। उसके बाद सेे इन बातों की उम्मीद जग रही थी की केंद्र सरकार सत्ता  में आने के बाद कई नेताओं को राज्यपाल की गद्दी पर बैठाएगी। वहीं कई राज्यपालों का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इसी के तहत सरकार ने कई नए राज्यपालों की नियुक्ती भी की है और कईयों का ट्रांसफर भी किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *