नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने सोमवार को दिल्ली- लाहौर बस सेवा बंद करने का फैसला किया है। डीटीसी ने यह बस सेवा 12 अगस्त यानी आज से बंद करने का फैसला किया है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का छीने जाने के बाद पाकिस्तान तिलमिला उठा है। अपनी खीझ को मिटाने के लिए पाकिस्तान ने भी शनिवार को दिल्ली- लाहौर सद्धभावना बस सेवा बंद करने का फैसला किया था। इस बाबत पाकिस्तान सरकार ने डीटीसी को एक ईमेल के जरिए बस सेवा के बंद करने की जानकारी दी थी।
गौरतलब है कि सोमवार को दिल्ली- लाहौर बस सेवा सदा -ए -सरहद को सुबह 6 बजे रवाना होना था, लेकिन पाकिस्तान द्वारा ‘सद्धभावना बस सेवा’ को बंद करने के फैसले के बाद सदा ए- सरहदा को रवाना नहीं किया गया। वहीं इससे पहले आखिरी बार शनिवार सुबह दिल्ली से लाहौर सदा-ए- सरहद को रवाना किया गया था। उस समय बस में कुल 2 यात्री सवार थे, जबकि बस वापसी में लाहौर से कुल 19 यात्रियों को लेकर दिल्ली पहुंची थी।
20 साल पहले शुरू हुई थी बस सेवा
बता दें कि दिल्ली- लाहौर बस सेवा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 1999 में शुरू की थी। अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार दिल्ली से वाघा बॉर्डर तक बस का सफर करके गए थे। इसके बाद से यह बस सेवा लगातार जारी है। हालांकि 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद बस सेवा को रोक दिया गया था, लेकिन जुलाई 2003 में इसको फिर से शुरू कर दिया गया।
पुलवामा हमले के बाद कम हुए यात्री
इस साल फरवरी में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर आतंकवादियों ने एक विस्फोट को अंजाम दिया था। इस आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संघठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। पुलवामा हमले के बाद से ही बस में बहुत कम यात्री सफर कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जम्मू- कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने और विशेष राज्य का दर्जा छीने जाने से पाकिस्तान बौखला उठा है। उसने पहले तो भारत के साथ राजनयिक संबंध को कम किया और फिर कारोबार पर भी पाबंदी लगाई। इसके बाद पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस को भी रद्दा करने की घोषणा कर दी थी।

