चमोली I उत्तराखंड मे चमोली में रविवार रात से सोमवार सुबह तक जारी बारिश से हाईवे पर कई जगह मलबा आ गया है। इस कारण बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा रोक दी गई है। तीर्थयात्रा पर जा रहे यात्री जगह-जगह हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
हाईवे बाजपुर, कौड़िया, लामबगड़ और कंचनगंगा में अवरुद्ध है। जिले में भूस्खलन के कारण 14 संपर्क मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। वहीं केदारनाथ यात्रा भी जारी है।
लामबगड़ में शनिवार शाम बोल्डर आने से बंद हो गया था हाईवे
लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे रविवार को प्रात: नौ बजे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया था। यातायात सुचारु होने पर लगभग 700 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे, जबकि बदरीनाथ धाम से 150 तीर्थयात्री गंतव्य के लिए रवाना हुए। शनिवार शाम पांच बजे भारी बारिश के दौरान बोल्डर आने से लामबगड़ में हाईवे बंद हो गया था और यात्री रोक दिए गए थे।
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे रामपुर (उप्र) के राजाराम का कहना है था कि हाईवे बंद होने से यात्रियों को यात्रा शिड्यूल बिगड़ गया है। प्रदेश और केंद्र सरकार को लामबगड़ के स्थायी ट्रीटमेंट की व्यवस्था करनी चाहिए। इधर, लामबगड़ में सुधारीकरण कार्य में जुटी मेकाफेरी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शुभंकर पॉल का कहना है कि बारिश होने पर लामबगड़ चट्टान से बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां वाहनों की आवाजाही रुक-रुककर की जा रही है। जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि लामबगड़ में हाईवे के दोनों ओर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, जो हाईवे के सुचारु होने पर यातायात को व्यवस्थित करने में जुटे हुए हैं।
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे रामपुर (उप्र) के राजाराम का कहना है था कि हाईवे बंद होने से यात्रियों को यात्रा शिड्यूल बिगड़ गया है। प्रदेश और केंद्र सरकार को लामबगड़ के स्थायी ट्रीटमेंट की व्यवस्था करनी चाहिए। इधर, लामबगड़ में सुधारीकरण कार्य में जुटी मेकाफेरी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शुभंकर पॉल का कहना है कि बारिश होने पर लामबगड़ चट्टान से बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां वाहनों की आवाजाही रुक-रुककर की जा रही है। जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि लामबगड़ में हाईवे के दोनों ओर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, जो हाईवे के सुचारु होने पर यातायात को व्यवस्थित करने में जुटे हुए हैं।
पहाड़ी का एक हिस्सा टूटने से बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी में हो गया था बंद
बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी के समीप सोमवार को यातायात सुचारू हो गया। रविवार को यहां पहाड़ी का एक हिस्सा टूटने से रास्ता अवरुद्ध हो गया था। जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। रविवार को सुबह से ही यहां पहाड़ी से छोटे-छोटे पत्थर छिटककर हाईवे पर आ रहे थे। लेकिन शाम चार बजे पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया।
जिससे बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे वाहनों के पहिए थम गए। हाईवे अवरुद्ध होने की सूचना पर एनएच की दो जेसीबी मशीनों से मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरु हुआ। पीपलकोटी पुलिस चौकी प्रभारी पूजा मेहरा ने बताया कि पहाड़ी से रह-रहकर अभी भी पत्थर छिटककर हाईवे पर आ रहे हैं। हाईवे को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गईं।
जिससे बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे वाहनों के पहिए थम गए। हाईवे अवरुद्ध होने की सूचना पर एनएच की दो जेसीबी मशीनों से मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरु हुआ। पीपलकोटी पुलिस चौकी प्रभारी पूजा मेहरा ने बताया कि पहाड़ी से रह-रहकर अभी भी पत्थर छिटककर हाईवे पर आ रहे हैं। हाईवे को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गईं।
चौथे दिन भी बंद रहा गौरीकुंड हाईवे, पहाड़ी से गिर रहे पत्थर
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बांसवाड़ा में चौथे दिन भी पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिर रहा है। वहीं रविवार को भी दोपहर बाद भारी मात्रा में पत्थर व मलबा गिरने से यहां पर टनों मलबा एकत्रित हो गया था। भूस्खलन के जारी रहने से मलबा सफाई का कार्य भी नहीं हो पा रहा था। प्रशासन द्वारा गंगानगर-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग से यातायात को संचालित किया जा रहा है। इस मार्ग से यात्रा सुचारू है।
रविवार को सुबह के समय बांसवाड़ा में कुछ देर पहाड़ी के शांत रहने पर एनएच द्वारा तत्परता से सड़क पर गिरे मलबे को साफ कर यातायात सुचारु करने के प्रयास किए गए, लेकिन पुन: पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया। भले ही कुंड से गुप्तकाशी-सोनप्रयाग तक यातायात चलता रहा। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी के साथ मौके का निरीक्षण का स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिस तरह से पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। यहां पर मलबे की सफाई करना संभव नहीं हो रहा है। बताया कि सुरक्षा की दृष्टि बांसवाड़ा में प्रभावित क्षेत्र के दोनों तरफ पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं।
रविवार को सुबह के समय बांसवाड़ा में कुछ देर पहाड़ी के शांत रहने पर एनएच द्वारा तत्परता से सड़क पर गिरे मलबे को साफ कर यातायात सुचारु करने के प्रयास किए गए, लेकिन पुन: पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया। भले ही कुंड से गुप्तकाशी-सोनप्रयाग तक यातायात चलता रहा। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी के साथ मौके का निरीक्षण का स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिस तरह से पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। यहां पर मलबे की सफाई करना संभव नहीं हो रहा है। बताया कि सुरक्षा की दृष्टि बांसवाड़ा में प्रभावित क्षेत्र के दोनों तरफ पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं।

