उत्तराखंड: भारी बारिश के चलते 25 मीटर बहा बदरीनाथ हाईवे, बदरी-केदारनाथ यात्रा रुकी, देहरादून सहित तीन जिलों में बंद रहेंगे कल स्कूल

जोशीमठ I उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद हुए भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे नंदप्रयाग, क्षेत्रपाल, पीपलकोटी, लामबगड़ और कंचन गंगा में बंद हो गया है जिससे बदरीनाथ धाम में 800 से अधिक तीर्थयात्री रोके गए हैं जबकि प्रशासन की ओर से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को भी जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया है। 

रविवार को दिनभर बारिश के कारण अलकनंदा के साथ ही पिंडर, नंदाकिनी, धौली गंगा और चुफलागाड़ उफान पर बह रही हैं हालांकि नदियां अभी खतरे के निशान से कुछ नीचे बह रही हैं। अलकनंदा 955.20 मीटर पर बह रही है। इसका डेंजर लेवल 597.42 है जबकि नंदाकिनी 868.48 पर बह रही है। इसका खतरे का लेवल 871.50 मीटर है। पिंडर भी 768.91 मीटर पर बह रही है जबकि इसका खतरे का लेवल 773 मीटर है। 

देहरादून और चमोली और चंपावत में बंद रहेंगे स्कूल

बारिश के भारी अलर्ट के बीच देहरादून में जिलाधिकारी ने सोमवार की छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान सभी निजी और सरकारी स्कूल (12वीं तक) बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के आदेश जारी हुए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवार को आदेशों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। 
 
वहीं, चमोली जिले में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 19 अगस्त को छुट्टी का आदेश जारी किया है जबकि स्कूलों के सभी प्रधानाध्यापक और अध्यापकों सहित सभी कर्मचारी समयानुसार अपने कार्यालयों में ही यथावत बने रहेंगे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में चमोली सहित अन्य जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
 
वहीं, चंपावत में भी बारिश के अलर्ट को लेकर डीएम ने सोमवार को सभी इंटर तक के स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। 

तेज बारिश से केदारनाथ पैदल मार्ग अवरूद्ध, 230 श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में रोका

शनिवार रात से ही जनपद में तेज बारिश हो रही है। लगातार बरसात से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बरसाती नालों के ऊफान से जगह-जगह पर भारी मलबा आ गया है। साथ ही पानी बह रहा है, जिस कारण आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को रोक दिया है। श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से गौरीकुंड में ही रोका गया है। 

लगातार हो रही बारिश के बीच सुबह 8 बजे सोनप्रयाग से 230 यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया था। लेकिन तेज बारिश और केदारनाथ पैदल मार्ग पर जगह-जगह मलबा व पानी के बहाव की सूचना पर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में ही रोक दिया गया। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने यात्रा मार्ग, पड़ावों व केदारनाथ में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट व सुरक्षा जवानों को यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सर्तक रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौसम में सुधार होने के बाद ही यात्रा संचालित करने को कहा गया है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक विषम हालातों को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। 

उधर, केदारनाथ में बारिश के बीच सुबह 6 से 8 बजे के बीच लगभग 50 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर वापस लौटे, जिन्हें छानी कैंप व लिनचोली में भी रोक दिया गया है। दिनभर तेज बारिश के चलते केदारनाथ में तीर्थ पुरोहित, व्यापारी और स्थानीय लोग कमरों में ही दुबके रहे। इस दौरान मंदिर परिसर व केदारपुरी में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। इधर, जिलाधिकारी घिल्डियाल ने बताया कि लगातार हो रही तेज बारिश को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कारणों से यात्रा को रोका गया है। मौसम में सुधार होने पर रास्ते पर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। बताया सभी पड़ावों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय का दून से संपर्क कटा

मूसलाधार बारिश के चलते जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित डेढ़ दर्जन से अधिक मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इससे दर्जनों वाहन जगह-जगह फंस गए हैं। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय का राजधानी देहरादून से सड़क संपर्क कटा हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण यातायात सुचारु करने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं।
बता दें कि बीते शनिवार शाम से ही जनपद के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन, भूधंसाव और गाड़ गदेरों में उफान की घटनाएं शुरू हो गई हैं।

जनपद के दर्जनों मोटर मार्ग रविवार सुबह से ही अवरुद्ध पड़े हैं। बड़ेथी चुंगी, हेलगुगाड़ एवं मनेरा बाईपास में भूस्खलन के चलते गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया है। बीआरओ के जवान इन स्थानों पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन बारिश जारी रहने से अभी सफलता नहीं मिल पाई है। यमुनोत्री हाईवे ओजरी-डबरकोट और हरेती ब्रह्मखाल के पास भूस्खलन होने के कारण अवरुद्ध हो गया है। यहां भी यातायात बहाली के प्रयास चल रहे हैं। हाईवे अवरुद्ध होने के कारण जगह-जगह वाहन फंसे हुए हैं। 

उधर, यमुना नदी के उफान से रवाड़ा-नगाण गांव मोटर पुल की एप्रोच सड़क बहने के कारण ठकराल पट्टी के करीब दस गांवों का सड़क संपर्क ब्लाक एवं तहसील मुख्यालय से कट गया है। इसके अलावा हुल्डियाणा, घनसाली-तिलवाड़ा, धरासू-जोगत, कांदला बैंड, इंद्रा-टिपरी, स्यांसू-मणी, मरगांव-चमियाली, चिन्यालीसौड़-जोगत, टिकोची-सिरतोली, बरनाली-माकुड़ी, चिंवा-मोंडा, मोरी-सांकरी, सांकरी-तालुका, ज्ञानसू-साल्ड, कुंसाला-कुपड़ा, कालसी-बिंगसारी, राजगढ़ी-सरनौल, दणमाणगांव-पासा व स्यालना-सरतली आदि संपर्क मोटर मार्ग भी भूस्खलन से बाधित हो गए हैं। संबंधित सड़क निर्माण विभागों के कर्मचारी इन सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क खोलने के प्रयासों में दिक्कतें आ रही हैं। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण अलग-थलग पड़े गांवों के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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