मुंबई : पाकिस्तान ने भारत के राष्ट्रीय नेतृत्व को हमेशा से कमतर आंका है और बालाकोट हवाई हमले के दौरान भी उन्होंने यही किया था। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने शुक्रवार को ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में यह कहा। उन्होंने कहा, ‘आपको याद होगा कि पाकिस्तान ने हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व को हमेशा से कमतर आंका है। हमेशा। 1965 के युद्ध में उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री को कम आंका था। उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि वह मोर्चा खोलेंगे और लाहौर तक पहुंच जाएंगे।’
वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘और फिर वे चौंक गए। उन्हें लगा था कि वे सिर्फ कश्मीर में लड़ेंगे…वे अचंभित हुए। कारगिल युद्ध में वे एक बार फिर हैरान रह गए। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हम अपनी सारी ताकत झोंक देंगे और बोफोर्स तोपों का मुंह उनकी तरफ कर दिया जाएगा और हम वायुसेना को इसमें शामिल कर उन्हें खदेड़ देंगे।’
उन्होंने कहा, ‘कुल मिलाकर उनका अनुमान हमेशा गलत साबित हुआ। यहां तक कि अब भी पुलवामा (आतंकवादी हमले) के बाद, मेरे हिसाब से उन्होंने फिर गलत अनुमान लगाया कि हमारा राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हमले (बालाकोट हमले) की इजाजत नहीं देगा। ऐसा नहीं है कि हमारी वायु सेना सक्षम नहीं है। वे (पाकिस्तान) हमारी क्षमताएं जानते हैं। लेकिन वे हमेशा इस गलतफहमी में रहते हैं कि हमारा नेतृत्व कार्रवाई नहीं करेगा।’
एयर चीफ मार्शल धनोआ वायुसेना के 25वें प्रमुख हैं। वह इसी महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्होंने दिसंबर 2016 में यह पद संभाला था। वायुसेना प्रमुख के तौर पर एयर चीफ मार्शल धनोआ की जगह एयर मार्शल आर के एस भदौरिया लेंगे।

