जिसमे आधुनिकता के साथ-साथ पौराणिक शिक्षा पद्धति को जोड़कर एक समग्र श्रेष्ठ शिक्षा तैयार की जा रही है। यह बात उन्होंने दून विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति पर “उत्तराखंड: उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, उन्नयन तथा नवाचार” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शिक्षा का हब रहा है। लेकिन अब क्वालिटी एजुकेशन की जरूरत है। जिस पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्दी ही श्रीनगर गढ़वाल के समीप सुमाड़ी में एनआइटी भवन की आधारशिला रखी जाएगी।
वहीं उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का निर्णय केंद्र सरकार का एतिहासिक फैसला है। इससे आर्थिक सुधारों का बड़ा लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को भी मिलेगा। होटल के रूम के टैक्स में छूट दी गई है। आउट डोर कैटरिंग में भी जीएसटी में छूट दी गई है। घरलू उपयोग की अधिकांश वस्तुओं से जीएसटी हटा ली गई है। इलैक्ट्रिक वाहनों में जीएसटी 5 फीसदी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग शिक्षण संस्थानों में भी किया जा सकेगा। केंद्र सरकार के 100 दिन गरिमामय रहे हैं। अनुच्छेद 370 को हटाया गया। यह भी केंद्र का बड़ा फैसला है।

