नैनीताल I उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज की याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार सहित अन्य को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि कॉलेज की सीटें यदि नीट क्वालिफाई विद्यार्थियों से पूरी नहीं भरी गईं हों तो उन अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में भाग लेने की अनुमति दी जाए, जो नीट तो पास नहीं कर पाए, लेकिन मेडिकल की पढ़ाई के लिए न्यूनतम निर्धारित योग्यता रखते हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आयुष के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें आयुष ने कहा था कि उन विद्यार्थियों को ही आयुर्वेदिक कोर्स में प्रवेश मिलेगा, जिन्होंने नीट पास किया हो।
याचिकाकर्ता की ओर से आयुष की ओर से बनाई गई नियमावली को भी चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि बगैर नीट पास किए विद्यार्थियों की काउंसिलिंग उनकी मेरिट के आधार पर ही हो।
कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों का एडमिशन याचिकाकर्ता के कॉलेज में होगा और जिन्होंने नीट पास न किया हो, उनका प्रवेश मामले में अंतिम निर्णय तक प्रोविजनल माना जाएगा। कोर्ट ने सरकार सहित अन्य को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

