मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजों में बीजेप-शिवसेना गठबंधन ने बहुमत के आंकड़ें को पार तो कर दिया है लेकिन राज्य का सीएम कौन होगा इसको लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं है. सीएम पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है. इस बीच शिवसेना लगातार बीजेपी को 50-50 फॉर्मूला याद दिला रही है और अपने मुखपत्र सामना के जरिए बीजेपी को निशाने पर भी ले रही है. अब बीजेपी के हाईकमान ने इस पर नाराजगी जताई है.
हाल ही में शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में 50-50 फॉर्मूले का जिक्र किया था. इसके साथ ही अपने लेख में एनसीपी के प्रमुख शरद पवार की तारीफ भी की थी. शिवसेना ने सामना में लिखा था, ”माटी की कुश्तीवाले उस्ताद के रूप में शरद पवार ने ‘गदा’ जीत ली है.” इस लेख से बीजेपी हाईकमान नाराज है.
इतना ही नहीं बीजेपी ने शिवसेना को हिदायत देते हुए कहा कि सरकार बनाने को लेकर अगर चर्चा करनी है तो वह सामना के जरिए आग उगलना बंद करे. अगर ऐसा नहीं हुआ तो किसी तरह की कोई चर्चा नहीं होगी. उधर सीएम पद को लेकर जारी सस्पेंस के बीच देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना नेता दिवाकर राउते ने राज्य के राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात की. वहीं बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह 30 अक्टूबर को शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं.
दरअसल शिवसेना मुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर अड़ी हुई है. उद्धव ठाकरे ये कह चुक हैं कि लोकसभा चुनाव के समय बीजेपी और शिवसेना में 50-50 का फॉर्मूला तय हुआ था. इसके तहत ढाई साल बीजेपी और ढाई साल शिवसेना का सीएम होगा.
किसे मिली कितनी सीटें
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव नतीजों में बीजेपी 150 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसने 105 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना ने 124 सीटों पर चुनाव लड़कर 56 सीटें जीती हैं. दोनों मिलकर आसानी से सरकार बना सकती हैं लेकिन सीएम पद को लेकर अभी तक मामला फंसा हुआ है. इसके अलावा कांग्रेस ने राज्य की 44 सीटों पर कब्जा जमाया है वहीं शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने 54 सीटें जीती हैं.

