देहरादून I उत्तराखंड में कार्तिक माह में मनाए जाने वाले इगास पर्व पर आठ नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने का फर्जी आदेश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रह है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का आदेश जारी नहीं हुआ है। वहीं सचिवालय संघ ने भी अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से इस विषय में जांच की मांग की है।
हैरत की बात ये है कि कथित फर्जी आदेश पर अपर मुख्स सचिव राधा रतूड़ी के साइन भी हैं। वहीं आदेश वायरल होने के बाद कई जिलों के स्कूलों में इगार की छुट्टी भी घोषित कर दी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार छुट्टी घोषित करने पर विचार कर रही है, लेकिन इस तरह से फर्जी आदेश जार होना गंभीर विषय है। इसके बाद एसीएस रतूड़ी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। पत्र को लेकर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
वहीं बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के बाद अब उत्तराखंड राज्य सचिवालय संघ और पर्वतीय शिक्षक संगठन ने भी मुख्यमंत्री से पारंपरिक त्योहार को संरक्षण देने के लिए अवकाश घोषित करने की अपील की थी।
उत्तराखंड सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी और महासचिव राकेश जोशी ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में एक पत्र लिखा था। उनका कहना था कि इगास उत्तराखंड का महत्वपूर्ण त्योहार है।
इससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हुई है। वर्तमान में स्थानीय नागरिक व बालक बालिकाएं इगास के संबंध में ज्यादा जानकारियां नहीं रख पा रहे हैं, जिससे धीरे-धीरे उत्तराखंड की संस्कृति विलुप्त होने के कगार पर है। इसके बाद से ही ये आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रह है।


