मसूरी कोतवाल ने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर बैठक कर अल्पसंख्यकों की समस्या सुनी ,,,,विंटर कार्निवाल के ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विचार विमर्श किया,,,,

मसूरी,18,दिसम्बर, विश्व अल्पसंख्यक दिवस पर मसूरी कोतवाली में मसूरी कोतवाल विद्या भूषण नेगी ने एक बैठक का आयोजन कर मसूरी के अल्पसंख्यकों की समस्या सुनी।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली ने 1992 में 18 दिसंबर को इस दिन के लिए चुना था। अल्पसंख्यक धर्म, भाषा, राष्ट्रीयता या जाति के आधार पर होते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने तब कहा था कि देशों को अल्पसंख्यकों की संस्कृति, धर्म आदि की रक्षा करने के लिए कदम उठाने होंगे। ताकि उनका अस्तित्व खतरे में न आए। भारत मे मुस्लिम, ईसाई, जैन, पारसी,सिख,बौद्ध, अल्पसंख्यक में आते हैं।अल्पसंख्यकों के हितों को देखते हुए भारत मे भी 18 दिसम्बर को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है।इसी कड़ी में मसूरी कोतवाल विद्या भूषण नेगी ने बैठक का आयोजन किया था।
इस मौके पर मसूरी कोतवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर इस बैठक का आयोजन किया गया था।यहाँ के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो ने किसी भी तरह की समस्या नही बताई आगामी विंटर कार्निवाल को देखते हुए इस बैठक में ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए।ट्रैफिक प्लान पर बैठक में लोगो के सुझाव लिए गए है।लंढोर बाजार में जाम का स्थिति को देखते हुए 25,दिसम्बर से 30 दिसंबर तक विंटर कार्निवाल के समय लंढोर बाजार में मालिंगर से घण्टा घर तक एक वन वे ट्रैफिक की व्यवस्था पर विचार हुआ है जिसको शनिवार ट्रायल के बाद लागू किया जाएगा।
इस मौके पर छावनी परिषद के उपाध्यक्ष महेश चंद्र सीनियर सिटीजन अवतार कुकरेजा,  समसुदीन अली,भाजपा के नफीस कुरैशी, मफूज खान,शहनवाज,प्रेम सिंह नीरज सिंह,रोहित ऑगस्टिन पास्टर माम् चन्द,सहित दर्जनों अल्पसंख्यक समुदाय के लोग मौजूद थे।

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