पीएम मोदी ने कहा, ”यूपी में जिस तरह कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा की, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. एक बार घर में बैठकर सवाल पूछें कि क्या यह रास्ता ठीक था? जो कुछ जलाया गया, बर्बाद किया गया…क्या उनके बच्चों को काम आने वाला नहीं था. हिंसा में जिन लोगों की मौत हुई, जो पुलिसकर्मी जख्मी हुए उनके परिवार के प्रति पल भर सोचें कि उनपर क्या बीतती होगी. हिंसा करने वालों से मैं आग्रह करूंगा कि बेहतर सड़क, ट्रांसपोर्ट पर नागरिकों का हक है. इसको सुरक्षित रखना भी नागरिकों का दायित्व है. हक और दायित्व को याद रखना है.”
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कानपुर, रामपुर, लखनऊ और बिजनौर समेत कई शहरों में हिंसक और अहिंसक प्रदर्शन हुए. इस दौरान कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे. इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर पीएम मोदी ने अपील की है.
पीएम मोदी ने कहा, ”अटल जी कहते थे कि हर पीढ़ी भारत की प्रगति में योगदान का मूल्यांकन दो बातों के आधार पर होगा. पहला – हमें जो विरासत में मिली कितनी समस्याओं को हमने सुलझाया है. दूसरा- राष्ट्र के भावी विकास के लिए हमने अपने खुद के प्रयासों से कितनी मजबूत नींव रखी है.”

