उत्तराखंड में बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने को होगा तीन नए ग्रिड का निर्माण

देहरादून। राज्य के बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) नए साल में तीन नए ग्रिड का निर्माण करेगा। इसके अलावा तीन लीलो लाइन भी डाली जाएंगी। इस संबंध में पिटकुल ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। 

ट्रांसमिशन सिस्टम सुदृढ़ करने के लिए बरम (जौलजीबी) सेलाकुई में 220 केवी और लोहाघाट में 132 केवी क्षमता के गैस इंसुलेटेड सब स्टेशनों का निर्माण भी किया जाना है। इसके लिए टेंडर हो चुके हैं। 

शासन को भेजे गए प्रस्ताव 

-400 किलोवाट की पीपलकोटी-खंदूखाल-श्रीनगर लाइन (ग्रिड)।

-400 किलोवाट की तपोवन-विष्णुगाड़-पीपलकोटी लाइन (ग्रिड)।

-400 किलोवाट की खंदूखाल-श्रीनगर-रामपुरा लाइन (ग्रिड)।

-400 किलोवाट की विष्णुप्रयाग-मुजफ्फरननगर-पीपलकोटी लीलो लाइन। 

-220 केवी की काशीपुर-पंतनगर लीलो लाइन।

-132 केवी की कोटद्वार-नजीबाबाद लीलो लाइन।

-132 केवी की उपस्थान जीआइएस लोहाघाट-बागेश्वर लाइन।

-132 केवी की पिथौरागढ़-लोहागढ़ लाइन।

ऑप्टिकल फाइबर में बदली जाएगी अर्थ वायर

ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए भी पिटकुल जरूरी कदम उठाएगा। इसके लिए पिटकुल 994 किमी लाइनों के अर्थ वायर को ऑप्टिकल फाइबर में बदलेगा। 

ये प्रोजेक्ट भी होंगे पूरे

-132 केवी उपकेंद्र पदार्था का निर्माण।

-81 किमी लंबी 220 केवी डीसी लखवाड़-व्यासी-देहरादून लाइन।

-220 केवी रुद्रपुर-श्रीनगर लाइन।

-132 केवी बिंदाल-पुरकुल लाइन।

-सभी बिजली मीटर नई तकनीक वाले एबीटी मीटर से बदले जाएंगे। 

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