नई दिल्ली. 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में सरकार इक्विटी मार्केट से जुड़े टैक्स में बड़े फेरबदल की तैयारी में है. एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, सरकार बजट में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स यानी DDT को पूरी तरह से हटाने का ऐलान कर सकती है. साथ ही डिविडेंड पर 20 फीसदी का स्टैंडर्ड डिडक्शन देने की घोषणा कर सकती है. लेकिन लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (LTCG) पूरी तरह हटने के आसार कम हैं. बजट में छोटे शेयरहोल्डर्स को राहत मिल सकती है. लेकिन बड़े शेयरहोल्डर्स को झटका मिल सकता है.
डिविडेंड पर इनकम टैक्स की दर हो सकती है लागू
फिलहाल, डिविडेंड देने वाली कंपनी को DDT भरना पड़ता है. लेकिन अब डिविडेंड पाने वाले पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी आ सकती है. डिविडेंड को कुल आमदनी का हिस्सा माना जा सकता है. डिविडेंड पर इनकम टैक्स (Income Tax) की दरें लागू हो सकती हैं. डिविडेंड पर 20 फीसदी का स्टैंडर्ड डिडक्शऩ मिल सकता है.
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए राहत की खबर
निचले स्लैब में आने वालों को कम टैक्स चुकाना पड़ सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 30 फीसदी के स्लैब वालों को डिविडेंड पर ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ सकता है. अभी टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी कंपनी पर होती है जो डिविडेंड देती है. अभी 20.55 फीसदी DDT लगता है, जिसमें सरचार्ज और एजुकेशन सेस शामिल होता है.
10 लाख से अधिक डिविडेंड पर टैक्स की योजना नहीं
सूत्रों के मुताबिक 10 लाख से ज्यादा डिविडेंड पाने वालों पर अलग से टैक्स नहीं लगाने का प्रस्ताव है. अभी 10 लाख से ज्यादा डिविडेंड पाने वालों पर 10 फीसदी टैक्स लगता है.

