ऋषिकेश I उत्तराखंड में कोरोना वायरस को लेकर खौफ बढ़ रहा है। शुक्रवार को एक और संदिग्ध महिला को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उसमें कोरोना वायरस के मिलते-जुलते लक्षण पाए गए हैं। संदिग्ध को आज निर्मल अस्पताल से एम्स में रेफर किया गया। उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। इससे पहले गुरुवार को एमबीबीएस की एक छात्रा में इस वायरस से मिलते-जुलते लक्षण पाए गए थे।
गुरुवार को सूचना मिली कि चीन के वुहान प्रांत के कनमिंग शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही देहरादून की एक युवती में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। युवती को ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है। देहरादून से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऋषिकेश पहुंचकर युवती का सैंपल ले लिया है। सैंपल को जांच के लिए पुणे की लैब भेजा गया है।
16 जनवरी को चीन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची युवती
युवती 16 जनवरी को चीन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची थी। वहां पर स्क्रीनिंग के बाद वह देहरादून में अपने घर आई। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार होने पर वह देहरादून के निजी अस्पताल में इलाज करा रही थी। बृहस्पतिवार रात तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर दून अस्पताल पहुंचे, जहां वरिष्ठ फिजिशियन ने उसकी जांच की।
बताया जा रहा है कि छाती के एक्सरे में फेफड़े में एक स्पॉट पाया गया। इस पर उसे फौरन ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर किया गया। एम्स के डॉक्टरों ने युवती में कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण मिलने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है।
बताया जा रहा है कि छाती के एक्सरे में फेफड़े में एक स्पॉट पाया गया। इस पर उसे फौरन ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर किया गया। एम्स के डॉक्टरों ने युवती में कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण मिलने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है।
क्या है कोरोना वायरस
– कोरोना वायरस संक्रमण एक विषाणुजनित रोग है।
-चीन में कोरोना वायरल संक्रमण हो रहा है। जिससे कई अन्य देश भी प्रभावित हो रहे हैं।
-उत्तराखंड के चीन और नेपाल का सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां भी संक्रमण की संभावना है।
वायरस के लक्षण
– बुखार खांसी-जुकाम, गले में खराश।
– हालत ज्यादा गंभीर होने पर इंसान को सांस लेने में तकलीफ और न्यूूमोनिया होने लगता है।
संक्रमण से बचाव
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सलाह के मुताबिक, कोरोना वायरस से अनावश्यक डरने की जरूरत नहीं है। सावधानी और सतर्कता से बचाव आसान है। कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। केवल लक्षणों के आधार पर सपोर्टिंग उपचार किया जाता है।
-चीन में कोरोना वायरल संक्रमण हो रहा है। जिससे कई अन्य देश भी प्रभावित हो रहे हैं।
-उत्तराखंड के चीन और नेपाल का सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां भी संक्रमण की संभावना है।
वायरस के लक्षण
– बुखार खांसी-जुकाम, गले में खराश।
– हालत ज्यादा गंभीर होने पर इंसान को सांस लेने में तकलीफ और न्यूूमोनिया होने लगता है।
संक्रमण से बचाव
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सलाह के मुताबिक, कोरोना वायरस से अनावश्यक डरने की जरूरत नहीं है। सावधानी और सतर्कता से बचाव आसान है। कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। केवल लक्षणों के आधार पर सपोर्टिंग उपचार किया जाता है।
ये बरतें एहतियात
-अगर कोई भी इंसान पिछले एक माह के दौरान चीन से आया या कोरोना वायरस संक्रमित किसी रोगी के संपर्क में रहा हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
– कोरोना वायरस के लक्षण होने पर भी तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
– मास्क का उपयोग करें और भीड़भाड़ व लोगों से दूरी बनाए रखें।
– खांसते या छींकते समय अपने मुंह व नाक को रुमाल से ढकें।
-नाक, कान या मुंह को छूने से पहले व बाद में अपने हाथों को साबुन व पानी से धोएं।
– खाना खाने से पहले और बाहर आने पर हाथ साबुन से अच्छी तरह अवश्य धोएं।
– अधिक मात्रा में तरल पदार्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
– नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
– शिष्टाचार में हाथ न मिलाएंए गले न लगें व अन्य संपर्क बढ़ाने वाले कार्य न करें।
– बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।

