देहरादून. उत्तराखंड के गांवों से लोगों के पलायन रोकने के लिए अक्टूबर 2017 में गठित की गई पलायन आयोग अब ज़मीन पर काम शुरू करेगा. 1 अप्रैल 2020 से आयोग अलग-अलग विभागों के साथ 450 से ज्यादा गांवों में काम शुरू करेगा. आयोग का फोकस पहले राउंड में उन गांवों पर है जहां आधे से ज्यादा आबादी अभी रह रही है.
19 ब्लॉक के 450 से ज्यादा गांव में बिजली-सड़क समेत हर सुविधा पर होगा काम
पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी का कहना है कि 19 ब्लॉक के 450 से ज्यादा गांव में हर सुविधा पर काम होगा, इसमें चाहे पानी, बिजली, सड़क, सिंचाई, खेती कोई भी काम हो. आगामी 20 फरवरी तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 10 से ज्यादा विभागों को रिपोर्ट देनी है कि कैसे वो इन गांवों में काम करेंगे.
ग्राउंड लेवल पर त्रिवेंद्र सरकार शुरू करेगी काम
इसके बाद पलायन आयोग ऐसे गांवों को टारगेट करेगा, जो पूरी तरह खाली हो चुके हैं. बता दें कि उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पलायन आयोग की घोषणा की थी, जो अब ग्राउंड लेवल पर काम शुरू करने जा रहा है. मामले की जानकारी पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस. एस. नेगी ने दी है.

