चमोली I उत्तराखंड में मौसम ने देर शाम फिर करवट बदली। चमोली जिले में मंगलार को दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट बदली। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, गौरसों बुग्याल के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।
वहीं, निचले क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। लगातार मौसम खराब होने से लोग परेशान हो उठे हैं। मंगलवार को सुबह से ही धूप खिली हुई थी। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादल छा गए। अपराह्न तीन बजे से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरु हुई। मौसम खराब होने से ठंड में इजाफा हो गया है।
वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान जाताया है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाये रहने का अनुमान है। चमक और गरज के साथ कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का अनुमान है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी दून व आसपास के इलाकों में भी हल्के बादल छाये रह सकते हैं। शाम तक कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है।
ओलावृष्टि से 1485 हेक्टेयर फसल बर्बाद
पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि के कारण हरिद्वार के बहादराबाद व लक्सर ब्लॉक के 2773 किसानों की 1485 हेक्टेयर फसलों को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से जिलाधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। बहादराबाद व लक्सर के अलावा किसी भी ब्लॉक में ओलावृष्टि के कारण नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
पिछले दिनों जनपद में बारिश हुई थी। तब बहादराबाद व लक्सर ब्लॉक में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई थी। बहादराबाद में ज्यादा ओलावृष्टि, जबकि लक्सर में कम ओलावृष्टि कम हुई थी। ओलावृष्टि के कारण से जिलाधिकारी की ओर से कृषि विभाग को नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन कर लिया है। मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपकर बताया कि बहादराबाद ब्लॉक की 25 ग्राम पंचायतों के 2460 किसानों की 1330 हेक्टेयर पर उगाई गई गेहूं, सरसों, मसूर की फसलों को 75 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
इसके साथ ही लक्सर ब्लॉक में चार ग्राम पंचायतों के 313 किसानों की 155 हेक्टेयर भूमि पर उगाई फसलों में 45 प्रतिशत का नुकसान है। हालांकि अन्य चार ब्लॉकों में ओलावृष्टि से कोई नुकसान नहीं है। अब किसानों की निगाहें सरकार पर टिकी हुई है कि नुकसान को लेकर क्या मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से मुआवजे को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण 1485 हेक्टेयर भूमि की फसलों को नुक्सान हुआ है।

