नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में सियासी घटनाक्रम पल-पल बदल रहे हैं। इस बीच पूरे मामले में बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी में असंतुष्ट चल रहे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्याग-पत्र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा। सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा दिया है, जिसके बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह आज ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। मध्य प्रदेश में गहराते नजर आ रहे सियासी घटनाक्रम के अपडेट्स यहां जानें :
Kamal Nath government crisis updates:
बीजेपी का बड़ा दावा
बीजेपी के भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वो 19 विधायकों के इस्तीफे के साथ भोपाल आ चुके हैं। इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या 30 तक जा सकती है कि क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं। इस बीच कांग्रेस के पी सी शर्मा का कहना है कि देखते जाइए कमलनाथ मास्टर स्ट्रोक खेलने में माहिर हैं।
22 विधायकों ने दिया इस्तीफा
मध्य प्रदेश में देवास के हटपिपलिया से विधायक मनोज चौधरी ने भी इस्तीफा दे दिया है। इस तरह से इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या 22 हो गई है। इस बीच बीएसपी और एसपी के विधायकों ने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। यह बात अलग है कि शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।
सीएम ने की मंत्रियों को हटाने की सिफारिश
मध्य प्रदेश में सियासी उलटफेर के बीच 19 विधायकों के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई है। जिन विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं, उनमें 6 उनकी सरकार में मंत्री भी हैं, जिन्हें अब उन्होंने पद से हटाने की मांग की है। सीएम ने गवर्नर को पत्र लिखकर 6 मंत्रियों को हटाने की मांग की है, जिनके नाम इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, डॉ. प्रभुराम चौधरी हैं।

