उत्तराखंड: चंडीगढ़ से पैदल भूखे प्यासे लौट रहे मजदूरों पर बदमाशों का कहर

रुड़की I कोरोना वायरस के चलते रोजी रोटी छिनने के बाद चंडीगढ़ से भूखे-प्यासे पैदल गोरखपुर जा रहे चार मजदूरों के साथ सहारनपुर जिले में बदमाशों ने लूटपाट कर दी। हथियार दिखाकर बदमाशों ने उनके पास रखी दो हजार की नकदी लूट ली और फरार हो गए। किसी तरह पीड़ित मजदूर भगवानपुर की काली नदी चौक पर पहुंचे।

यहां उत्तराखंड की ‘मित्र पुलिस’ ने अपने स्लोगन को चरितार्थ करते न केवल मजदूरों को खाना खिलाया बल्कि तेल के टैंकर से निशुल्क गोरखपुर जाने की व्यवस्था भी कर दी। गोरखपुर निवासी रामधन, सुरेश कुमार, जनार्दन लाल और धर्मदास चंडीगढ़ स्थित एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन होने के कारण फैक्टरी मालिक ने उनको बाहर निकाल दिया।


रोजी रोटी का संकट खड़ा होने के बाद उन्हें केवल घर दिखाई दे रहा था। उन्होंने बताया कि घर आने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो पैदल ही गोरखपुर के लिए निकल पड़े। शनिवार रात जैसे ही उन्होंने सहारनपुर जिले में प्रवेश किया तो रास्ते में दो बदमाशों ने हथियारों के बल पर रोक लिया।


बदमाशों ने उनसे दो हजार की नगदी लूट ली और विरोध करने पर मारपीट कर फरार हो गए। तड़के करीब चार बजे वे भगवानपुर क्षेत्र की काली नदी पुलिस चौकी पर पहुंचे। यहां पुलिस को अपनी आपबीती बताते समय पीड़ित मजदूर रोने लगे और कहा कि भूखे पेट पैदल चला नहीं जा रहा है।


चौकी प्रभारी प्रदीप रावत ने पुलिस कर्मचारियों से खाना तैयार कराया और चारों मजदूरों को खाना खिलाया। इसके बाद एक तेल के टैंकर पर बैठाकर उनको गोरखपुर भेजा दिया। एसआई प्रदीप रावत ने बताया कि रात में चारों मजदूरों को सहारनपुर जिले में लूट लिया गया था। उन्हें पुलिस चौकी पर खाना खिलाकर भेजा गया है।

दिल्ली से लक्सर पहुंचने में लग गए छह दिन

कीनिया से दिल्ली पहुंचा टिक्कमपुर गांव का युवक छह दिन बाद पैदल  सफर करके लक्सर पहुंच गया। युवक के विदेश से आने की जानकारी मिलते ही से पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक का स्वास्थ्य जांचने के बाद ही उसे उसके परिवार के लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया है।

लक्सर कोतवाली क्षेत्र के  टिक्कमपुर गांव निवासी एक युवक कुछ माह पहले भारत से अफ्रीका के कीनिया में गया था। युवक जब से ही वहीं रहकर गुरुद्वारा साहिब में सेवा कार्य कर रहा था। युवक के मुताबिक जब वह छह
दिन पहले वहां से हवाई जहाज के रास्ते दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। तो देश में पूरी तरह लॉकडाउन हुआ था। ऐसी स्थिति युवक ने पैदल चलकर अपने घर पहुंचने का मन बना लिया। युवक के मुताबिक वह कई दिनों तक रास्ते में रुकता हुआ।
 
शनिवार की सुबह तक लक्सर पहुंच गया। पुलिस ने उसे रुड़की तिराहे पर रोक लिया। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर वरुण शर्मा के साथ मौके पर पहुंचे उन्होंने युवक का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान युवक का स्वास्थ्य ठीक पाया गया है। उन्होंने बताया कि फिर भी सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए युवक व उसके परिवार के लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। विभाग द्वारा उस पर लगातार नजर रखी जाएगी।

छह की रिपोर्ट निगेटिव, दो संदिग्ध आइसोलेशन वार्ड में भर्ती

रुड़की सिविल अस्पताल में शनिवार को कोरोना वायरस के चार संदिग्ध उपचार कराने के लिए पहुंचे। इनका डॉक्टरों ने पहले जांच के ब्लड सैंपल लिया। इसके बाद चारों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। सीएमएस ने बताया कि चारों के ब्लड सैंपल दिल्ली जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद सही जानकारी को पता लग पाएगा। वहीं चार दिन पहले भेज गए छह ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।

सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि सिविल अस्पताल में शनिवार सुबह चार लोग उपचार कराने के लिए आए थे। उनको तीन दिन से खांसी जुकाम की शिकायत हो रही थी। चारों लोग रुड़की के रहने वाले हैं। जो तीन दिन पहले ही दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा से आए थे। चारों का ब्लड सैंपल ले लिया गया है। इसको जांच के लिए दिल्ली की लैब में भेजा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि चार दिन पहले छह सैंपल ब्लड के जांच के लिए भेज गए थे। इनकी रिपोर्ट शुक्रवार देर रात मिल चुकी है। सभी रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट देखने के बाद सबकों छुट्टी दे दी गई है। अभी दस लोग अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।

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