Coronavirus: पूर्व कैनिबेट मंत्री परिवार समेत होम क्वारंटीन, दिल्ली से लौटने के बाद कराई थी जांच

देहरादून I स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई दिल्ली से लौटे उत्तराखंड के पूर्व कैनिबेट मंत्री नवप्रभात को उनकी पत्नी और नातिनों के साथ 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया है। बीते बृहस्पवितार की शाम को ही पूर्व कैबिनेट मंत्री परिवार समेत नई दिल्ली से लौटे हैं। विभाग ने सभी के स्वास्थ्य की जांच भी की है। बीते बृहस्पतिवार सुबह ही नवप्रभात अपनी पत्नी रुपा शर्मा समेत अपनी नातिनों को लेने के लिए दिल्ली गए थे।
उनकी बेटी बानी शर्मा और दामाद राहुल चौधरी नई दिल्ली स्थित आरके पुरम में रहते हैं। उनके दामाद नई दिल्ली में आईपीएस अधिकारी हैं। बृहस्पतिवार की शाम को ही वह अपनी नातिनों को लेकर वापस विकासनगर लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने सरकारी की गाइडलाइन के अनुसार इसकी जानकारी विकासनगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंचकर सभी की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया। उन्होंने 14 दिन घर में ही रहने संबंधित एक शपथ पत्र विकासनगर कोतवाली में भी दिया है। अपर स्वास्थ्य निदेशक उप जिला अस्पताल विकासनगर डॉ. केके शर्मा ने बताया कि पूरा परिवार स्वस्थ मिला है। ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए पूर्व मंत्री को परिवार समेत होम क्वारंटीन किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों की टीम लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करती रहेगी।

छात्रों में असमंजस पैदा करने वाला है पूर्व कैबिनेट मंत्री का बयान
क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के दिल्ली में फंसे छात्रों को लेने के लिए बस भेजने संबंधित बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है। विधायक ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री के बयान से दिल्ली में फंसे छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा होगी। उनके बीच अफरातफरी भी मच सकती है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व कैबिनेट मंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन महज राजनीतिक बढ़त के लिए इस तरह के बयान देना उनके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।

‘कोरोना संक्रमण की गलत जानकारी पर जवाब दें सीएम’
पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक टीवी साक्षात्कार के दौरान राज्य में पहले कोरोना संक्रमित को लेकर दिए गए बयान पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के पालक है। ऐसे में राज्य की जनता मुख्यमंत्री से यह अपेक्षा करती है कि वह जो भी जानकारी देंगे वह सत्य पर आधारित होगी, लेकिन एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने जो भी जानकारी मीडिया में दी वह तथ्यों से विपरित थी। कहा कि उन्होंने राज्य में पहला कोरोना संक्रमित केस एक जमाती से होना बताया है। जबकि, तमाम रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि राज्य में पहला कोरोना संक्रमित केस एफआरआई के प्रशिक्षित दल में शामिल एक आईएफएस अधिकारी में मिला था और वह जमात में नहीं गए थे।

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