12 युवाओं को मेडिकल चेकअप के बाद उत्तरकाशी किया रवाना, बिहार के कैमूर में थे फंसे

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के 12 युवा लॉकडाउन के कारण बिहार के कैमूर जिले में फंस गए थे। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना की कोशिश के बाद सभी देहरादून पहुंचे, जहां से मेडिकल चेकअप के बाद  जिलाधिकारी के जरिए रविवार को उत्तरकाशी के नौगांव के लिए रवाना कर दिया गया।  

दरअसल, उत्तरकाशी जिले के राजेश और उसके 11 साथी नौकरी की तलाश में बिहार के कैमूर गए हुए थे। इनमें राजेश और दस युवा उत्तरकाशी, जबकि एक टिहरी जिले का है। वो सभी यहां एक मार्केटिंग कंपनी में बतौर सेल्समैन नौकरी करने लगे। नौकरी लगे कुछ ही महीने हुए थे कि कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन हो गया। जिस कंपनी में युवा काम करते थे वो लॉकडाउन के आठ-दस दिन बाद अचानक अपना दफ्तर बंद कर कहीं चले गए और वो बेसहारा हो गए। इस बीच राजेश ने तीन मई को प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को फोन किया और मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके खाने तक को नहीं है। इस पर उन्हें मदद का भरोसा दिया गया। 

इस पूरे मामले पर पहले उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मोहन प्रकाश से बात कर कैमूर में इन युवाओं के लिए भोजन की व्यवस्था करवाई और फिर तत्काल इस मामले में राज्य के मुख्यसचिव उत्पल कुमार सिंह से मिलकर युवाओं का पूरा लिखित ब्योरा उनको सौंप कर युवकों की उत्तराखंड वापसी की मांग की। चार दिनों तक उत्तराखंड और बिहार शासन से बातचीत करने के बाद आठ मई को इन युवाओं की वापसी के लिए बिहार शासन ने पास जारी किए। कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मोहन प्रकाश ने कैमूर से देहरादून तक के लिए बस की व्यवस्था करवाई। आठ मई को सभी युवाओं ने डोईवाला पहुंचकर, धस्माना को दी। 

सूर्यकांत धस्माना रविवार सुबह युवा कांग्रेस महानगर के अध्यक्ष गौतम सोनकर, कांग्रेस नेता अनुज दत्त शर्मा के साथ स्पोर्ट्स कालेज पहुंचे और वहां इन युवाओं को रिसीव कर इनका मेडिकल चेकअप करवाया, जिसके बाद जिलाधिकारी देहरादून के जरिए इन युवाओं को उत्तरकाशी के नौगांव के लिए रवाना किया गया। 

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