नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनीतिक दल कमर कस कर मैदान में उतर चुके हैं। किसी को उम्मीद है कि 2014 को वो फिर दोहराएंगे तो किसी को उम्मीद है कि इस दफा जनता का मिजाज बदल चुका है और परिवर्तन पर मुहर लगाएगी। इन सबके बीच ये जानना दिलचस्प है कि लोकतंत्र के इस महासमर में आज क्या कुछ खास होने वाला है। लोकसभा चुनाव का पहला चरण जैसे-जैसे करीब आ रहा है वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी और घटनाक्रम तेज होते जा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का अंदाज इस बार के लोकसभा चुनाव को लेकर जुदा है और राहुल गांधी इस चुनाव की वैतरणी को पार करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने चुनाव लड़ने पर गुरुवार को खुले तौर पर तो कुछ नहीं बोला लेकिन उन्होंने इशारा किया कि उन्हें मौका मिले तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वाराणसी सीट पर मुकाबला कर सकती हैं।
समाजवादी पार्टी ने गुरूवार को लोकसभा चुनाव के लिये पांच और प्रत्याशियों की सूची जारी की जिसमें पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार भी शामिल है जो बरेली सीट से चुनाव लड़ेंगे।
माकपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इंटरनेट और टेलीकॉम कंपनियों गूगल, फेसबुक, एयरटेल और वोडाफोन आदि का एकाधिकार खत्म कर डिजिटल अधिकारों को व्यापक रूप में मजबूत बनाने का चुनावी वादा किया है।
RJD की छात्र इकाई से तेजप्रताप का इस्तीफा
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में फिर कलह सामने आई है। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजप्रताप यादव ने पार्टी की छात्र इकाई के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। राजद का अंतर्कलह एक बार फिर सामने आ गया है। सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन में भी सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। सीटों को लेकर महागठबंधन के नेताओं में मतभेद भी सामने आ रहे हैं।

