हिसार। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंगलवार को हरियाणा के दौर पर हैं। उन्होंने अंबाला और हिसार में रैलियोंं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतंत्र खतरे में है। यह चुनाव में देश को मजबूत करने का मौका है। भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी सेना के शहीदों के नाम पर वोट मांगतेे हैं तो कभी हमारे परिवार के शहीदों का अपमान करते हैं। इस देश में अहंकार माफ नहीं किया जाता। दुर्योधन का भी यहां अहंकार नहीं चला था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से पहले खेत सुरक्षित करें।
प्रियंका ने कहा कि मोदी जी पाकिस्तान से पहले खेत सुरक्षित करें। पहले यहां की समस्याओं को सुलझाओ फिर विदेश की बात करो। जनता के सामने पांच साल का हिसाब न देना कायरता है। देश में सिर्फ बड़ेे उद्योगपतियों के कर्ज माफ हुए। हमने जहां सरकार आइ किसानों के कर्ज़ माफ़ किए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसान बीमा के दस हज़ार करोड़ रूपये उद्योगपतियों की जेब में डाल दिए। उन्होंने 56 ईंच के सीने की बात की चर्चा करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के सीने में कितने इंच का दिल है ये बता दीजिए।
उन्होंने अपनेे दौरे की शुरूआत अंबाला से की। उन्होंने यहां कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा के समर्थन में रैली को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने हिसार में कांग्रेस प्रत्याशी भव्य बिश्नोई के समर्थन में रैलीे को संबाेधित किया। अंबाला की रैली के बाद प्रियंका हिसार पहुंची। यहां वह पुराने गर्वनमेंट कॉलेज मैदान मेें आयोजित रैली में पहुंची। हिसार पहुंचने पर उनका वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल सहित कई कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया। प्रियंका रोड शो करतीं हुईंं रैली स्थल पर पहुंचीं।
कहा- भाजपा सरकार ने रोजगार देने के बदलेे छीन लिया
प्रियंका ने कहा जब बीेजेपी की सरकार बनी तो वादा किया गया था कि हर साल दो करोड़ रोजगार दिए जाएंगे, मगर पांच करोड़ लोगों का रोजगार छिन गया। नोटबंदी ने ऐसा हाल किया। मनरेगा में जो काम मजदूरों से करवाए जाते थे वो अब मशीनों से किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब नोटबंदी हुई तो क्या आपने किसी बीजेपी नेता का लाइन में खड़े होता देखा। क्या नोटबंदी से काला धन वापस आया। नोटबंदी से शहरों में रोजगार घट गया। नौजवान जब शहर से गांव लौटे तो गांवों में भी रोजगार नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि किसान कर्ज में डूब रहा है। 12 हजार लोग आत्महत्या कर चुके हैं। तमाम प्रदेशों में लावारिस पशु के कारण परेशानी है। किसान की क्या सरकार ने मदद की है। किसान सभी राज्यों से पैदल चलकर दिल्ली गए, मगर पीएम मोदी ने एक बार भी किसी से बात नहीं की, किसी किसान की समस्या नहीं सुनी।

