मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में आज होगी संतों की बैठक, हो सकता है बड़ा फैसला

अयोध्या: लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले भारी समर्थन के बाद अब एक बार फिर अयोध्या में मंदिर निर्माण की हलचल तेज हो रही है। 3 जून को मणिराम छावनी में होगी संतों की बैठक होने जा रही है।
राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राम मंदिर निर्माण के लिए अगली रणनीति बनाई जाएगी।  पिछले कई महीनों से शांत पड़ी अयोध्या अब फिर एक बार चहल-पहल बढेगी। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
राम मंदिर निर्माण को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। साधु संत मंदिर निर्माण को लेकर अडिग है, जिसके कारण सरकार की बेचैनी अब बढेगी। क्योंकि उसे आने वाले महीनों के इंतजार में है। संतो को विश्वास है कि मंदिर निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा। राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष रामविलास वेदांती भी दावा करते रहे हैं कि जल्द राम मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। इस मुद्दे पर हिंदू-मुसलमानों में आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए कई धर्मगुरु पहल कर चुके हैं। हालांकि अभी तक दोनों समुदायों के बीच इस मुद्दे पर किसी भी तरह का आपसी समझौता नहीं हुआ है। पर चुनावों खत्म होने के बाद साथ ही यह मुद्दा एक बार फिर गरम होने जा रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के अयोध्या में मस्जिद पर बयान को लेकर हलचल तेज हो गई है। हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
आलोक कुमार के बयान पर बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि आलोक कुमार अयोध्या के मुसलमानों की गणना न करें ना ही इस पर राजनीति करें। आलोक वर्मा को मंदिर मस्जिद पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है ,अगर वह सरकार में है तो अयोध्या में रोजगार की व्यवस्था करें, अयोध्या की विकास की बात करें मंदिर मस्जिद पर राजनीति न करे
रामलला के पुजारी ने कहा अयोध्या में नयी मस्जिद की जगहं पुरानी मस्जिदों के संरक्षण की ज़रुरत
वही रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आलोक कुमार के बयान पर सहमति जताते हुए कहा कि अयोध्या में मुस्लिमों की इतनी तादाद नहीं है कि नई मस्जिद बनाई जाए।
अयोध्या में नई मस्जिद की अब जरूरत नहीं है जितनी मस्जिदें हैं उन्हीं का संरक्षण किया जाए। दरअसल विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख आलोक कुमार ने बयान दिया है कि अयोध्या में मुसलमानों की इतनी तादाद नहीं है कि नई मस्जिद बनाई जाए।

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