हरिद्वार I हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में राम मंदिर का निर्माण के लिए केंद्र सरकार को 2022 तक का अल्टीमेटम दिया गया है। संतों ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में मंदिर का मार्ग प्रशस्त होता नहीं दिखा तो भाजपा के खिलाफ भी विहिप मुखर हो जाएगी।
विहिप के मार्ग दर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि देश में लंबे से प्रतिकूल परिस्थितियां थी। चाहकर भी भाजपा की केंद्र सरकार हालत को इतनी जल्दी बदल नहीं सकती थी, जितनी लोगों की उम्मीदें थी।
अब हालात बदले हैं सरकार बहुत कुछ कर सकती है। इसलिए राम मंदिर निर्माण के लिए 2022 तक का समय देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि दशा और दिशा सही दिखी तो सरकार को हर कदम पर समर्थन देंगे अन्यथा इन्हें भी ऐसे ही उखाड़ फेंकेंगे जैसे इनसे पहली सरकारों को।
स्वामी परमानंद महाराज ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाना, कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाना, गाय और गंगा का संरक्षण करना जैसे मुद्दों पर सरकार को प्राथमिकता से काम करना चाहिए।
बढ़ती जनसंख्या को देश के लिए खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि आज अस्पतालों में जगह नहीं, स्कूलों प्रवेश नहीं हो रहे हैं, सड़कों पर जाम लग रहा है। इसके लिए बढ़ती जनसंख्या ही जिम्मेदार है। देश में मुसलमानों की बढ़ती घुसपैठ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो हिंदू इस्लामिक देशों से भागकर आ रहे हैं, वे शरणार्थी हैं।
जबकि जो मुस्लिम आबादी आ रही है वे घुसपैठिए हैं। सरकार को शरणार्थियों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें सुरक्षा के साथ ही हिंदुस्तान की नागरिकता भी देनी चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से अल्पसंख्यक समाज के गरीब बच्चों को वजीफा देने के घोषणा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन करने से पहले सरकार को अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करनी चाहिए। क्योंकि कई राज्यों में इस समय हिंदू ही अल्पसंख्यक हैं।
जहां जो अल्पसंख्यक हो उनके बच्चों को ही योजना का लाभ मिलना चाहिए। इस दौरान विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, प्रचार प्रमुख विजय शंकर तिवारी, प्रचार विभाग के प्रांत मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ला, अमित कुमार शर्मा, बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डुंगर, विहिप के जिलाध्यक्ष नितिन गौतम, विकास प्रधान, वीरेंद्र कीर्तिपाल आदि मौजूद रहे।

