देहरादून। प्रयागराज में अर्द्धकुंभ के भव्य आयोजन से उत्तर प्रदेश ने देश-दुनिया का ध्यान खींचा तो इसके लिए उसने ढाई-तीन साल पहले से कसरत शुरू कर दी थी। इस लिहाज से 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ को लेकर कोई खास तेजी नजर नहीं आ रही। स्थिति ये है कि महाकुंभ के लिए व्यवस्थाएं जुटाने के नाम पर अभी तक एक भी काम प्रारंभ नहीं हो पाया। यहां तक कि स्थायी मेलाधिकारी की भी तैनाती नहीं हुई है। सूरतेहाल, डेढ़ साल के बेहद कम वक्त में महाकुंभ के मद्देनजर स्थायी पुल व पार्किंग का निर्माण जैसे स्थायी कार्यों के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं जुटाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, सरकार का दावा है कि चुनौतियों से पार पाते हुए भव्य-दिव्य महाकुंभ का आयोजन कराएंगे।
हरिद्वार में महाकुंभ का आगाज जनवरी 2021 से होगा और यह चार माह तक चलना है। जाहिर है कि इसी के हिसाब से समय रहते वहां व्यवस्थाएं जुटाई जानी हैं। इसके तहत सुगम आवाजाही के लिए स्थायी पुलों व पार्किंग समेत अन्य निर्माण कार्य होने हैं तो घाटों के निर्माण व सौंदर्यीकरण, सड़कों के दुरुस्तीकरण, पेयजल, विद्युत, शौचालय समेत तमाम कार्य होने हैं। इस मोर्चे पर देखें तो तैयारियों को लेकर खास हलचल नहीं दिख रही, जबकि समय बेहद कम रह गया है। इसमें भी बरसात में चार माह तक कार्य प्रभावित रहेंगे। लिहाजा, स्थायी कार्यों को लेकर संशय भी बना है।

