उत्तराखंड: किसी भी राज्य का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का राशनकार्ड है तो परेशान न हों, मिलेगा सस्ता राशन

देहरादून । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (एनएफएसए) योजना के तहत दूसरे राज्यों में बने सफेद और गुलाबी राशन कार्ड पर उत्तराखंड में भी सस्ता राशन मिलेगा। वहीं, जिन प्रवासियों के पास किसी प्रकार का राशन कार्ड नहीं है। उन्हें सरकार मई और जून माह में प्रति व्यक्ति पांच किलो चावल मुफ्त में देगी। प्रवासियों को एक जून से मुफ्त राशन दिया जाएगा।

शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाहरी राज्यों से लौट रहे प्रवासियों की लिस्ट में इसका भी उल्लेख किया जाए कि उनके पास राशन कार्ड या नहीं। लॉक डाउन के कारण प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक प्रवासी अपने घर पहुंच गए हैं। जबकि 2.25 लाख प्रवासियों ने उत्तराखंड आने के लिए पंजीकरण कराया है।
केंद्र व प्रदेश सरकार ने प्रवासियों को मई और जून माह में मुफ्त राशन देने का फैसला लिया है। एनएफएसए योजना के तहत दूसरे राज्य में बने प्राथमिक (सफेद) और अंत्योदय (गुलाबी) राशनकार्ड धारकों को उत्तराखंड के सस्ते गल्ले की दुकानों पर प्रति माह मिलने वाला सस्ता राशन दिया जाएगा। वहीं, उत्तराखंड लौट रहे जिन प्रवासियों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी प्रति व्यक्ति पांच किलो चावल मुफ्त में दिया जाएगा।

ये है राशन की व्यवस्था
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दो तरह के राशनकार्डों की व्यवस्था है। केंद्र की एनएफएसए के तहत प्राथमिक और अंत्योदय राशन कार्ड आते हैं। जबकि राज्य खाद्य योजना के तहत एपीएल परिवार शामिल है। प्राथमिक परिवार को प्रति माह 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल मिलता है। जबकि अंत्योदय परिवार को 21 किलो 700 ग्राम गेहूं और 13 किलो 300 ग्राम चावल प्रति कार्ड मिलता है।

इसके अलावा लॉकडाउन में एनएफएसए कार्ड धारकों को अतिरिक्त पांच किलो चावल मुफ्त में दिया जा रहा है। जबकि राज्य खाद्य योजना में प्रति माह 7.50 किलो सस्ता राशन प्रति माह मिलता था। प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ा कर प्रति माह 20 किलो किया है। इसमें 10 किलो चावल और 10 किलो. गेहूं शामिल है।

यदि किसी प्रवासी का दूसरे राज्य में एनएफएसए राशनकार्ड है तो वह प्रति माह मिलने वाला सस्ता राशन निर्धारित दरों पर ले सकता है। जिन प्रवासियों के पास राशनकार्ड नहीं है तो उन्हें मई व जून माह में पांच किलो प्रति व्यक्ति चावल फ्री में दिया जाएगा। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासियों की जो सूची तैयार की गई है, उसमें यह भी पता किया जाए कि उनके पास राशन कार्ड या नहीं है।
– सुशील कुमार, सचिव खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

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