कर्नाटक: शक्ति परीक्षण के लिए येदियुरप्पा भी तैयार, बोले- बागी विधायकों के संपर्क में हूं

नई दिल्ली I कर्नाटक में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच बीजेपी अध्यक्ष येदियुरप्पा ने कहा है कि वे सदन में शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है. येदियुरप्पा ने कहा कि अगर सरकार विश्वास प्रस्ताव लाना चाहती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. कर्नाटक के पूर्व सीएम ने बताया कि वे सोमवार तक इंतजार करेंगे. उन्होंने कहा कि सोमवार को स्पीकर से मुलाकात कर सोमवार को ही विश्वास प्रस्ताव लाने को कहेंगे.

बता दें कि कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने भी कहा है कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है वे विश्वास प्रस्ताव लाएंगे. पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने स्वीकार किया कि वे मुंबई में मौजूद कांग्रेस के बागी विधायकों से संपर्क में है, वे सभी खुश हैं. येदियुरप्पा ने कहा कि एचडी कुमारस्वामी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और नई सरकार गठित होने देना चाहिए, लोग इस सरकार से उब चुके हैं.

सुप्रीम कोर्ट गए पांच विधायक

इधर पांच और बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट चले गए हैं. इन विधायकों ने कोर्ट से शिकायत की है कि स्पीकर के आर रमेश कुमार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं. इन विधायकों के नाम हैं, के सुधाकर, रोशन बेग, एमटीबी नागराज, मुनिरत्न और रत्न सिंह. इन विधायकों का कहना है कि स्पीकर का रवैया उनके संवैधानिक और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. विधायकों ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें सरकार का समर्थन करने को कहा जा रहा है अन्यथा उन्हें अयोग्य घोषित करने की धमकी दी जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से कुछ विधायक जब इस्तीफा देने गए थे तो उनके साथ धक्का-मुक्की गई थी.

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक विधायिका का कोई भी चयनित जनप्रतिनिधि अपनी चेतना के आधार पर इस्तीफा दे सकता है ये उसका मौलिक अधिकार है. बता दें कि इन 5 विधायकों के अलावा 10 दूसरे बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है और कहा है कि सर्वोच्च अदालत स्पीकर को उनका इस्तीफा स्वीकार करने के लिए निर्देश दे. इस मामले पर सुप्री कोर्ट ने मंगलवार तक यथास्थिति बरकरार रखी है. यानी कि मंगलवार तक स्पीकर इन विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं कर सकते हैं.

विपक्ष में बैठने की जगह मिले

इस बीच निर्दलीय विधायक आर शंकर और एच नागेश ने स्पीकर को एक पत्र लिखकर अपने लिए विपक्षी खेमे में बैठने की मांग की है. ये दोनों विधायक कांग्रेस-जेडीएस सरकार को समर्थन कर रहे थे, लेकिन 8 जुलाई को इन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. 

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