अतिक्रमण हटाना मसूरी के लिए जरूरी भी था अतिक्रमण हटाने को लेकर कई वर्षों से मशक्कत चल रही थी कई लोगो ने मसूरी हित मे कोर्ट की भी शरण ली काफी जदोजहद के बाद कुछ अतिक्रमण हटा भी पटरी वालो ने भी कुछ विरोद्ध के बाद सब का साथ दिया चाहे जोरजबरदस्ती से या फिर मजबूरी में पटरी वालो ने अपना अतिक्रमण तो हटा दिया। व्यपार संघ ने भी जो छज्जे बाहर निकाले थे वो भी हटा दिए।
माल रोड से अतिक्रमण हटने के बाद सब खुश है।व्यपार संघ अब शांत बैठ गया है।शासन प्रशासन भी शांत हो गया है।
मगर मसूरी में अतिक्रमण अभी भी जारी है।जिसकी ओर कोई ध्यान नहीं देता जो वर्षों से होता आया है और होता रहेगा।जो पहाड़ो की रानी मसूरी पर कोढ़ के समान है।
जिस पर शासन प्रशासन का कभी डंडा चला ही नहीं।और शायद चले भी नहीं।माफ़ करें व्यपार संघ को भी सिर्फ माल रोड और अपने व्यपार से मतलब है।मसूरी का प्रवेश द्वार जो बर्षो से अतिक्रमण की चपेट में है उस पर आज भी बद्दस्तूर अतिक्रमण जारी है और रोज अतिक्रमण होता हैं।
किंक्रेग से मैसोनिक लाज तक ईट बजरी के ढेर लगे हैं।जगह जगह रोड को गोदाम बनाया हुआ है।किंक्रेग निर्माणधीन पार्किंग, जयसवाल एस्टेट के पास बरेली हाउस बड़ा मोड़ बसन्त पैलेस, मसूरी गर्ल्स स्कूल के पास आये दिन निर्माण सामग्री इकट्ठा की जाती है और मजे की बात तो ये है कि वही से जगह जगह माल सप्लाई भी होता हैं।
जिसकी वजह से मसूरी की सुंदरता पर तो फर्क पड़ ही रहा है । साथ ही मसूरी किंक्रेग मार्ग पर किसी भी समय कोई भी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई हैं।
लेकिन शासन प्रशासन ने इस और कभी ध्यान ही नहीं दिया।और दिया भी होगा तो कभी भी यहाँ पर निर्माण सामग्री डालने वालो पर कोई कार्यवाही नहीं कि।
यही आलम कैमल्स बैक रोड का भी है।वह भी निर्माण सामग्री जगह जगह पड़ी रहती है।ऊपर से रोड पर होटलो द्वारा गड़िया पार्क कराई जाती है। जिससे कैमल्स बैक रोड़ पर घूमने वालो को परेशानी का सामना करना पड़ता है।शासन प्रशासन को इस और भी गंभीरता से कार्यवाही करनी चाहिए।


