उत्तरकाशी I गुरुवार रात पहाड़ी इलाकों में तबाही मचाने के बाद आज उत्तराखंड के ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहा। बादल छाए रहे, लेकिन बारिश का सिलसिला रुका रहा। वहीं गंगोत्री राजमार्ग चुंगी बड़ेथी के पास मलबा और पत्थर गिरने के कारण अवरुद्ध है। यात्रियों व वाहनों की सुरक्षा के दृष्टिगत ट्रैफिक को मनेरा बाईपास से डाइवर्ट किया जा रहा है।
यमुनोत्री राजमार्ग यातायात हेतु सुचारू है। उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री, यमुनोत्री धाम तथा समस्त तहसील क्षेत्रों में बादल लगे हैं। यहां स्थिति सामान्य है। वहीं रुद्रप्रयाग जिले में मौसम साफ है। यहां धूप खिली हुई है, लेकिन केदारनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड में बंद पड़ा हुआ है। बदरीनाथ हाईवे भी सुचारू बना हुआ है।
लामबगड़ में दस घंटे बाद सुचारु हुई बदरीनाथ हाईवे
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दस घंटे बाद शुक्रवार को आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया। भारी बारिश के दौरान गुरुवार रात करीब दो बजे लामबगड़ में भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा आने से हाईवे अवरुद्ध हो गया था। जो शुक्रवार को दोपहर में बारह बजे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया।
तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि लामबगड़ में हाईवे को सुचारु कर दिया गया है। लेकिन यहां थोड़ी बारिश होने पर भी हाईवे पर मलबा और बोल्डर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाईवे के अवरुद्ध होने पर तत्काल इसे सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे के अवरुद्ध होने से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे और लौट रहे तीर्थयात्रियों ने अपने वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार किया।
तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि लामबगड़ में हाईवे को सुचारु कर दिया गया है। लेकिन यहां थोड़ी बारिश होने पर भी हाईवे पर मलबा और बोल्डर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाईवे के अवरुद्ध होने पर तत्काल इसे सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे के अवरुद्ध होने से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे और लौट रहे तीर्थयात्रियों ने अपने वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार किया।
मलबा व बोल्डर गिरने से दिनभर बंद रहा गौरीकुंड हाईवे
गुरुवार रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश से ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह पर भारी मलबा व बोल्डर आने से शुक्रवार को दिनभर बंद रहा। प्रशासन द्वारा गंगानगर-बसुकेदार-बांसवाड़ा मोटर मार्ग पर यातायात को डायवर्ट किया गया, लेकिन इस मार्ग की हालत भी दयनीय बनी हुई है।
मूसलाधार बारिश के कारण हाईवे भटवाड़ीसैंण, अगस्त्यमुनि, विजयनगर, सौड़ी, चंद्रापुरी और बांसवाड़ा भारी भूस्खलन व बोल्डरों के चलते रात से ही बंद हो गया था। बारिश थमते ही रात 3 बजे से एनएच द्वारा देर रात को ही मशीनों की मदद से प्रभावित स्थानों पर मलबा सफाई का कार्य शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद जहां सुबह 7 बजे भटवाड़ी में यातायात बहाल हो पाया।
मूसलाधार बारिश के कारण हाईवे भटवाड़ीसैंण, अगस्त्यमुनि, विजयनगर, सौड़ी, चंद्रापुरी और बांसवाड़ा भारी भूस्खलन व बोल्डरों के चलते रात से ही बंद हो गया था। बारिश थमते ही रात 3 बजे से एनएच द्वारा देर रात को ही मशीनों की मदद से प्रभावित स्थानों पर मलबा सफाई का कार्य शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद जहां सुबह 7 बजे भटवाड़ी में यातायात बहाल हो पाया।
शुक्रवार को बांसवाड़ा में हाईवे दिनभर बंद रहा
वहीं, अगस्त्यमुनि के विजयनगर में दोपहर सवा 12 बजे यातायात बहाल हो पाया, लेकिन बांसवाड़ा में हाईवे दिनभर बंद रहा। यहां पर पहाड़ी से भारी बोल्डर व मलबा गिरा हुआ है। साथ ही अन्य कई स्थानों पर भी दिनभर रुक-रुक पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। इस समस्या के चलते केदारघाटी में अखबार, दूध व अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी नहीं हो पाई।
भले ही प्रशासन के निर्देश पर वैकल्पिक गंगानगर-बसुकेदार-बांसवाड़ा मार्ग से यातायात संचालित किया गया, लेकिन मार्ग बरसात से बदहाल बना हुआ है। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर गिरे मलबे की सफाई से तत्परता से कार्य किया जा रहा है। देर शाम तक हाईवे को यातायात के लिए खोेले जाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
भले ही प्रशासन के निर्देश पर वैकल्पिक गंगानगर-बसुकेदार-बांसवाड़ा मार्ग से यातायात संचालित किया गया, लेकिन मार्ग बरसात से बदहाल बना हुआ है। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर गिरे मलबे की सफाई से तत्परता से कार्य किया जा रहा है। देर शाम तक हाईवे को यातायात के लिए खोेले जाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

