आजादी की 72वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड की राज्यपाल और सीएम ने दी बधाई, किया वीर सैनिकों को नमन

देहरादून I आजादी की 72वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए यहां के पर्वतीय क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे भारत के विकास में अपना शत प्रतिशत योगदान दें। राज्यपाल ने इस अवसर पर सीमा पर शहीद हुए वीर सैनिकों तथा उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को भी नमन किया है।

अपने संदेश में राज्यपाल मौर्य ने कहा कि स्वतंत्र भारत के 72 वर्षों में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखंड विकास के कई सूचकांकों में भारत के शीर्षस्थ राज्यों में से है। शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की मजबूती से आर्थिक विकास जुड़ा हुआ है और इससे दूरस्थ पर्वतीय गांवों की तस्वीर और तकदीर में सुखद बदलाव लाया जा सकता है। उत्तराखंड स्कूली शिक्षा के लिए जाना जाता रहा है। उत्तराखंड की उच्च शिक्षा को भी उसी स्तर तक पहुंचाने की जरूरत है। पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाना भी आवश्यक है, जिसके लिए यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री के मध्य संवाद को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है।

कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना है। कृषि क्षेत्र में फलों और फूलों की खेती तथा नकदी फसलों के विकास की दिशा में और अधिक ध्यान केंद्रित करना है। उत्तराखंड में जैविक कृषि को बढ़ावा देना आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य गठन में अहम भूमिका निभाने वाली यहां की महिलाएं राज्य के सामाजिक तथा आर्थिक ढांचे की रीढ़ हैं। राज्य के संतुलित सामाजिक विकास तथा राष्ट्र निर्माण के लिए महिलाओं, बच्चों और युवाओं की क्षमता, कौशल वृद्धि पर विशेष ध्यान केंद्रित करना है।

राज्यपाल ने कहा है कि राष्ट्रीय पर्व को इस संकल्प के साथ मनायें कि हम सब एक ऐसी निष्पक्ष सामाजिक व्यवस्था के निर्माण में सहयोग करें, जिसमें समाज के सभी वर्गों को विकास का समान अवसर मिल सके। हमारा यही प्रयास, स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल 15 अगस्त को प्रात: 8 बजे राजभवन में ध्वजारोहण करेंगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस, युवाओं को रोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की 72 वीं वर्षगांठ पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों, देश रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों व उत्तराखंड राज्य निर्माण के अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास से हमें नए भारत का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड को सैन्यधाम की संज्ञा दी है। हमारी सरकार शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। उत्तराखंड एक छोटा पर्वतीय राज्य होने पर भी हम न केवल देश की परिस्थितिकी बल्कि देश की आर्थिकी में भी अहम योगदान कर रहे हैं। 

भ्रष्टाचार नहीं बर्दाश्त
राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ  कड़ा कानून लाने जा रही है। भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल और अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह अधिकारियों व कार्मिकों को चिन्हित कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। सरकारी विभागों में आउटकम आधारित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए सीएम डैशबोर्ड उत्कर्ष बनाया है। जन शिकायतों और समस्याओं के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905 चल रह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से ऑल वेदर रोड़ व भारतमाला योजना पर तेजी से काम चल रहा है। टिहरी में डोबरा-चांटी मोटर झुला पुल मार्च 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। ऋषिकेशन कर्णप्रयाग रेलमार्ग पर काम प्रारंभ कर दिया गया है। उड़ान योजना के तहत देहरादून, पंतनगर व पिथौरागढ़ के लिए सस्ती हवाई सेवा प्रारंभ कर दी गई है।

युवाओं को रोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर, रानी पोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और पैठाणी में प्रदेश का पहला वोकेशनल कालेज बनने जा रहा है। स्टार्ट अप पॉलिसी में 200 स्टार्टअप शुरू किए जाने हैं। 11 हजार से अधिक उद्यमों की स्थापना हुई, जिसमें लगभग 80 हजार लोगों को रोजगार मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 2045 चिकित्सक तैनात किए गए हैं, जबकि पूर्व में केवल 1081 थे। इसके अलावा 159 दंतचिकित्सकों की नियुक्ति भी की गई है। केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को विस्तारित करते हुए अटल आयुष्मान योजना लागू की है। अभी तक 60 प्रतिशत परिवार कार्ड बनवा चुके हैं। संस्थागत प्रसव 50 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गए हैं। मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। बालिका लिंगानुपात भी सुधरा है। 

ग्रोथ सेंटरों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। 58 ग्रोथ सेंटर को मंजूरी दी जा चुकी है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए ‘मिट्टी से बाजार तक’ की रणनीति पर काम किया जा रहा है। भारत सरकार के सहयोग से 3340 करोड़ की समेकित सहकारी विकास परियोजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत शत प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। पेरूल व अन्य बायोमास आधारित ऊर्जा उत्पादन नीति लागू की गई है। 21 योजनाएं आवंटित की जा चुकी है। संशोधित सौर ऊर्जा नीति 2018 में 5 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाएं पर्वतीय क्षेत्रों में लग रही हैं। 208 लोगों को 148 मेगावाट की परियोजनाओं के आवंटन पत्र सौंपे जा चुके हैं।

होम स्टे व एडवेंचर टूरिज्म से बढ़ रहा पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण करते हुए इसे पहले से भी अधिक भव्यता प्रदान की गई है। बद्रीनाथ धाम के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। होम स्टे के माध्यम से पर्यटन अब ग्रामीणों की आजीविका का साधन बन रहा है। 13 जिलों में 13 नए थीम बेस्ड डेस्टीनेशन विकसित कर रहे हैं। साहसिक पर्यटन का अलग से निदेशालय बनाया जा रहा है। 

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