उत्तरकाशी,18,अगस्त,शनिवार देर रात मोरी प्रखंड के आराकोट क्षेत्र में अतिवृष्टि से माकुड़ी, टिकोची, आराकोट एवं मौंडा गांव में भारी तबाही मच गई। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों के ऊपरी हिस्सों में बादल फटने से गाड़ गदेरों में उफान के साथ भारी मलबा आया। गांव वाले इसे बादल फटना कह रहे हैं।
माकुड़ी गांव में सरोजनी देवी पत्नी उपेंद्र सिंह की मलबे में दबने से मौत हो गई। इसी गांव में चतर सिंह का मकान भूस्खलन के मलबे में दफन हो गया। इस घर में परिवार के पांच सदस्य मौजूद थे। जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। मौंडा गांव की प्रधान माया देवी एवं अक्षय चौहान ने बताया कि गांव के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से गदेरे में आए उफान से यहां भारी नुकसान हुआ है।
मंगली देवी पत्नी श्री गुलाब सिंह निवासी दखवाण गांव पट्टी ग्यारह गांव थाना घनसाली टिहरी गढ़वाल उम्र 40 वर्ष जंगल मे घास लेने गयी थी जिसके ऊपर समय करीब 12 बजे दोपहर पेड़ गिरने से मौके पर ही मृत्यु हो गई।
कई लोग बहे
रविवार तड़के हुई इस घटना के दौरान खतरा भांपते हुए ग्रामीणों ने अपना घर-दुकानें छोड़कर पहाड़ी पर चढ़कर अपनी जान बचाई। मोरी आराकोट क्षेत्र में आपदा की सूचना मिलते ही डीएम डा.आशीष चौहान ने बड़कोट, पुरोला और मोरी से राजस्व विभाग, एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीम को मौके पर रवाना कर दिया है।
डीएम ने आपदाग्रस्त क्षेत्र से नजदीकी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के प्रशासन से भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए संपर्क किया है। डीएम डा.आशीष चौहान ने कहा कि क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण आपदा के हालात पैदा हुए हैं।

