मुंबई I प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में विवाद थमता नहीं दिख रहा है. महाराष्ट्र में प्रवासी मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के बयान पर शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है.
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ‘लाखों श्रमिकों को हमने उत्तर प्रदेश भेजा है. जो लोग पैदल चलकर गए उनकी जिम्मेदारी हमारी नहीं केंद्र सरकार की है. लेकिन अगर आप उनसे (श्रमिकों से) बात करेंगे तो उनके दिल और दिमाग से एक ही आवाज आएगी ‘जय महाराष्ट्र’.’
संजय राउत ने कहा, ‘हम इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि उत्तर प्रदेश के सीएम ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जिनका संत के रूप में सम्मान किया जाता है. वह महात्मा हैं. योगी जी ने ये शब्द इस्तेमाल किए हैं. इतने सालों तक मुंबई ने पूरे देश के प्रवासी श्रमिकों की देखभाल की है. उनका ध्यान रखा गया है और वे यहां पले बढ़े हैं. उन्हें यहां भोजन और आश्रय मिलता है. उनमें से कई लोग उत्तर प्रदेश के थे और यहां सद्भाव में रहते थे. कठिनाई के इस समय में कई समस्याओं के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा. केंद्र सरकार की कुछ नीतियां इसके लिए जिम्मेदार हैं, लॉकडाउन के कारण कोई काम नहीं हो रहा है. इसलिए अगर कोई इसके लिए महाराष्ट्र को दोषी मानता है, तो यह सही नहीं है.’

